बस्ती, उत्तर प्रदेश शादी के बाद एक दुल्हन की विदाई समारोह चल रहा था। इसी बीच में दुल्हन बहुत ज्यादा भावुक थी और उसको जो विदा करने वाले थे वह भी भावुक हो रहे थे। दूल्हा अपनी गाड़ी में आराम से बैठा हुआ था और उस गाड़ी को चला रहा था मजहर जो ड्राइवर होता है दूल्हे के पिता उसके पास जाते हैं। कान में जाकर बोलते है कि बेटा एक काम करना हमारी गाड़ी तुम्हारी गाड़ी के बिल्कुल पीछे रहेगी। इसलिए ध्यान से चलना। कोई दिक्कत परेशानी हो तुरंत हमें फोन कर लेना। इस बीच में दुल्हन की विदाई हो जाती है। आगे वाली गाड़ी में जिसमें दुल्हन बैठी हुई है उसमें मजहर नाम का ड्राइवर चला रहा था और जो उनके सपोर्ट में पीछे गाड़ी चल रही है जिसमें दूल्हे के पिता बैठे हुए हैं उसमें सलीम गाड़ी को चला रहा था।
अभी गांव से गाड़ी निकली ही थी दोनों कि अचानक से एक बाइक आती है और बाइक पे दो युवक बैठे हुए थे। वो बहुत तेजी के साथ जा रहे थे और तेजी के साथ जाते ही एकदम से अचानक से रुक जाते हैं। जैसे रुकते हैं उन्होंने दुल्हन वाली गाड़ी की तरफ कोई इशारा किया और ड्राइवर से कहा कि गाड़ी रोको। ड्राइवर ने उसको देखकर अनसुना कर दिया। अनदेखा कर दिया। जैसे कि ना देखा है ना ही कोई बात सुनी है। गाड़ी आराम से जो अपनी रफ्तार थी उस पर चल रही थी। इसी बीच बाइक सवार ने फिर से गाड़ी का पीछा किया और पीछा करने के बाद फिर से गाड़ी को रोकने की कोशिश की तो उसने दूसरी बार भी उसको अनदेखा और अनसुना कर देता है। लेकिन बाइक सवार था। कई किलोमीटर ऐसे ही बीत जाते हैं।
उसके बाद फिर से पीछा करता है। फिर से पीछा करने के बाद इस बार बड़े गुस्से में बोला कि गाड़ी रोक दो नहीं तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। यह बात उस पीछे वाली जो गाड़ी चल रही थी जिसमें ड्राइवर सलीम होता है और दूल्हे का जो पिता होता है वह देख लेते हैं। यह पीछे वाले आपस में बातचीत करते हैं और बातचीत करने के बाद कहते हैं जितनी जल्दी हो सके उसे ड्राइवर को फोन लगाओ और ड्राइवर मजहर को फोन लगाया जाता है और मजहर से कहा जाता है कि गाड़ी को किसी भी कीमत पर रोकना नहीं है। जैसे ड्राइवर ने कहा कि गाड़ी रोकनी नहीं है। तो पूछा भी जाता है कि आखिरकार क्या बात है? वो कहता है कि शायद ओवरटेक की वजह से इस तरह की दिक्कत हुई होगी। साइड नहीं मिल पाई होगी।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें