धार, मध्यप्रदेश साल 2022 की यह बात है। घर के अंदर केवल दो सदस्य थे—ननद और भाभी। भाभी अपना कुछ काम कर रही थी। इसी दौरान उनका मोबाइल छूट जाता है और वह ननद के हाथ में आ जाता है। जैसे ही मोबाइल ननद के हाथ में आता है, लगातार नोटिफिकेशन की घंटी बज रही होती है। ननद नोटिफिकेशन खोल देती है और देखती है कि उसकी भाभी किसी अनजान व्यक्ति के साथ काफी देर से चैट कर रही है।
मौका मिलते ही ननद उस बातचीत को पढ़ना शुरू कर देती है। तभी भाभी की एंट्री हो जाती है। जैसे ही भाभी आती है, वह ननद से झगड़ा करने लगती है और कहती है, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरा फोन बिना इजाज़त के देखने की?” इस पर बहस शुरू हो जाती है। ननद कहती है कि उसे पता चल गया है कि भाभी किससे बात कर रही थी।
झगड़ा बढ़ने पर भाभी को लगने लगता है कि यह बात सास और पति तक पहुँच जाएगी। वह तुरंत अपने कमरे में जाती है, थोड़ी ही देर में अपना बैग पैक करती है और घर से निकल जाती है। जाते-जाते वह कहती है, “मैं अपने मायके जा रही हूँ, और मुझे वापस लाने की कोशिश मत करना। अपने भाई से कह देना कि कोई और बहू ढूंढ लें।”
इस घटना के बाद साल 2022, 2023 और 2024 बीत जाते हैं। काफी समय गुजरने के बाद, लड़की और लड़के के परिवार वाले आपस में बैठकर सलाह-मशविरा करते हैं। समाज के कुछ जिम्मेदार लोग भी शामिल होते हैं और एक पंचायत आयोजित की जाती है। पंचायत में यह निर्णय लिया जाता है कि बहू को वापस ससुराल लाया जाए।
हालांकि, बहू अपनी तीन शर्तें रखती है। वह कहती है कि अगर उसकी शर्तें मान ली जाएँ, तभी वह वापस आएगी, अन्यथा नहीं।
पहली शर्त: कोई भी उसका मोबाइल चेक नहीं करेगा। चाहे वह पति हो, ननद हो या सास—किसी को भी उसका फोन देखने का अधिकार नहीं होगा।
दूसरी शर्त: घर में कोई उससे किसी भी काम के लिए नहीं कहेगा। उसका मन होगा तो वह काम करेगी, अन्यथा नहीं।
तीसरी शर्त: उसे कोई काम दिया जाए, जैसे ब्यूटी पार्लर का काम, ताकि वह कुछ कर सके।
वह स्पष्ट कर देती है कि यदि उसकी ये तीनों शर्तें मान ली जाएँगी, तभी वह ससुराल लौटेगी, अन्यथा नहीं।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें