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Crime

26 साल पहले मरा आदमी… फिर कैसे हुआ हमला? | Salim Vastic Case

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दिल्ली / लोनी
27 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 6:00 बजे का समय था। गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अशोक विहार कॉलोनी के अली गार्डन में रहने वाला एक यूट्यूबर, सलीम वास्तिक, अपने ऑफिस में सोफे पर आराम कर रहा था। तभी अचानक दो लड़के वहाँ पहुँचे। दोनों ने कुर्ता-पायजामा पहन रखा था। आते ही उन्होंने सलीम पर एक के बाद एक हमला करना शुरू कर दिया।


हालांकि सलीम वास्तिक ने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने किसी नुकीली चीज या चाकू से उस पर लगातार वार किए। कुल मिलाकर लगभग 14 बार उस पर हमला किया गया। बाद में पता चला कि हमलावर दोनों सगे भाई थे।


यह मामला इतना ज्यादा चर्चा में आ गया कि इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँच गई। उनके निर्देश पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी। अंततः दोनों भाइयों का एनकाउंटर कर दिया गया, जिसमें वे मारे गए।


इसके बाद यह पूरी घटना सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल होने लगी। देश का शायद ही कोई ऐसा हिस्सा रहा हो, जहाँ इस हमले की चर्चा न हो रही हो।


इसी दौरान एक व्यक्ति बार-बार इस घटना से जुड़े वीडियो देख रहा था। वह सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो को बार-बार देखकर हैरान था और उसे यकीन नहीं हो रहा था। आखिरकार वह एक नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुँचा और वहाँ जाकर उसने कहा, “साहब, जिस व्यक्ति पर हमला हुआ है, मैंने उसे पहले भी देखा है। यह कैसे संभव है? यह व्यक्ति तो लगभग 26 साल पहले मर चुका था।”


जब पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो पता चला कि वाकई 26 साल पहले इसी नाम का एक व्यक्ति मर चुका था। यह खुलासा होने के बाद लोगों के बीच हैरानी फैल गई। जो व्यक्ति सोशल मीडिया पर बड़ी-बड़ी बातें करता था, उसके बारे में ऐसी सच्चाई सामने आने से लोग विश्वास नहीं कर पा रहे थे।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में स्थित रामजस स्कूल में सेकंड शिफ्ट में पढ़ने वाला एक बच्चा, संदीप बंसल, जो एक सीमेंट कारोबारी का बेटा था—यह घटना 20 जनवरी 1995 की है।


वह रोज की तरह स्कूल गया, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। इससे उसके पिता, जो एक व्यापारी थे, बहुत परेशान हो गए। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। स्कूल जाने वाले अन्य बच्चों से भी पूछा कि क्या उन्होंने संदीप को देखा है, जिसकी उम्र लगभग 13 साल थी। लेकिन ज्यादातर लोगों ने उसे देखने से इनकार कर दिया।
वह घर पर बैठकर अपने बेटे का इंतजार कर रहा था। तभी लैंडलाइन फोन पर एक कॉल आया। जब उसने फोन उठाया, तो दूसरी तरफ से आवाज आई—“जो मैं कह रहा हूँ, उसे ध्यान से सुनो और चाहो तो लिख लो। किसी भी तरह की कोई गलती नहीं होनी चाहिए।”


उस व्यक्ति ने आगे कहा, “लोनी फ्लाईओवर के पास जो बस स्टैंड है, वहाँ से शाम 4:30 बजे बागपत जाने वाली बस निकलती है। उस बस के अंदर ₹_ रख देना। अगर तुमने यह बात किसी को बताने की कोशिश की या कोई चालाकी की, तो तुम्हारे 13 साल के बेटे, जो रामजस स्कूल में पढ़ता है, उसकी हत्या कर दी जाएगी।”
यह सुनकर वह व्यापारी बुरी तरह डर गया। संदीप बंसल का पिता समझ नहीं पाया… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें