मोरादाबाद, उत्तर प्रदेश यह बात साल 2020 की है। नेपाल की रहने वाली दो लड़कियां होती हैं। एक का नाम संगीता होता है और दूसरे का नाम ममता होता है। नौकरी की तलाश में वह दिल्ली आ जाती हैं और वह इधर-उधर धक्के खा रही थी नौकरी के लिए। लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिल रही थी और इसी तरह से उनका वक्त धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। उनके पास जो पैसे थे वह भी खत्म हो रहे थे। तब उन दोनों लड़कियों ने फैसला किया कि वापस नेपाल चलते हैं क्योंकि यहां रहेंगे तो भूखे मर जाएंगे। वो जब रेलवे स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रही थी तो इसी बीच में उन्हीं के देश की रहने वाली एक लड़की जिसका नाम निर्मला होता है उसकी नजर पड़ जाती है। निर्मला ने जब उन दोनों लड़कियों को देखा तो वो उस वक्त रो रही थी, परेशान हो रही थी।
निर्मला उनके पास जाती है और जाकर बातचीत करना शुरू कर देती है। पूछती है कि तुम कहां रहती हो? क्या बात है? क्या नहीं? मैं तुम्हारी कोई मदद कर सकती हूं कि नहीं कर सकती हूं। उन्होंने अभी तक जो उनकी जिंदगी में बीता था वो सब कुछ उनसे शेयर कर दिया। शेयर करने के बाद उन्होंने कहा कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। तुम्हें अच्छी सैलरी भी मिलेगी। रहने के लिए घर मिलेगा, खाने के लिए भी मिलेगा और कपड़े भी मिलेंगे। सब कुछ मिलेगा। तुम बस परेशान मत हो। अगर मुझ पर भरोसा कर सकती हो तो तुम्हें मेरे साथ चलना पड़ेगा और तुम्हें सैलरी मिलेगी ₹1.5-15 लाख।
बस ₹1-15 लाख का नाम सुनने के बाद पहले तो उन लड़कियों को यकीन नहीं हो रहा था। लेकिन जैसे ही उन्हें भरोसा दिलाया गया, अपने गांव के बारे में बताया गया, अपने बारे में बताया गया, वो लड़कियां खुश हो जाती हैं और उस निर्मला के साथ चली जाती हैं। निर्मला के साथ रहना सहना शुरू हो जाता है। अभी शुरुआती दौर था। उस वक्त लॉकडाउन का समय चल रहा था। काम धंधा बिल्कुल पूरी तरह से चौपट था। लेकिन ऐसे वक्त में काम मिलना यह भी अपने आप में एक चैलेंज था।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें