बाघपत, उत्तर प्रदेश बागपत से 35 किलोमीटर दूर एक गांव लगता है जिसका नाम है गांगनोली और गांगनोली में शेखों वाली एक बड़ी मस्जिद है और बड़ी मस्जिद के ऊपर वाली फ्लोर पर मंजिल पर एक हुजरा बना हुआ है। हुजरा यानी कि एक कमरा बना हुआ है। उसी हुजरे के अंदर मौलाना साहब जो यहां पर नमाज पढ़ाते हैं उनकी पत्नी उनकी दो बच्चियां भी रहती हैं। मौलाना साहब 11 अक्टूबर 2025 को मस्जिद में तो नहीं थे लेकिन उनकी पत्नी जरूर थी। इसी बीच में दो कातिल प्रवेश करते हैं और एक के हाथ में एक भारी वस्तु होता है और दूसरे के हाथ में एक धारदार हथियार होता है। जैसे वह प्रवेश करते हैं देखते क्या है कि हुजरे के अंदर मौलाना साहब की बीवी हैं।
वो इससे पहले कि कुछ समझ पाती कुछ बोल पाती। कातिल ने एक के बाद एक उनके सर में दो-तीन वार कर दिए। उस भारी वस्तु से। उसके बाद फिर चेहरे पे वार कर दिए। जो दूसरा कातिल होता है उसके हाथ में धारदार हथियार होता है और उसने एक के बाद एक गर्दन पे कई वार कर दिए। जब वह दोनों वार कर रहे थे तब उनकी दो बेटियां होती हैं। एक की उम्र 2 साल होती है। एक की उम्र 5 साल होती है। वह इस दृश्य को अपनी आंखों से देख रही थी। इससे पहले कि वो चीखती चिल्लाती या पब्लिक में जाकर कुछ बताने की कोशिश करती उनको यह अवसर ही नहीं मिल पाया। मौका ही नहीं मिल पाया और जिस कातिल के हाथ में धारदार हथियार के साथ-साथ भारी वस्तु थी। उन्होंने एक के बाद एक कई वार किए और वह भी मौके पर मर जाते हैं।
जैसे ही उनकी मौत की खबर लोगों तक पहुंचती है, पता चलता है तो उसके बाद फिर हंगामा खड़ा हो जाता है और देखते ही देखते ये खबर सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे भारतवर्ष में फैल जाती है। लोगों में एक तरह का डर का माहौल फैल जाता है कि आखिरकार हुआ क्या है? मस्जिद के अंदर जो कमरा बना हुआ था यानी कि हुजरा बना हुआ था। हुजरे में मौलाना साहब की पत्नी का और दो बेटियों का कत्ल कर दिया जाता है। उसमें मौलाना साहब की जो बीवी होती हैं वो 5 महीने की गर्भवती भी थी। बस इतना था कि ये खबर गांव में फैल जाती है। आसपास के इलाके में फैल जाती है और जैसे-जैसे लोग मौके पर पहुंच रहे थे बस हंगामा खड़ा हो जाता है। हर कोई ये जानना चाहता था कि आखिरकार मस्जिद के अंदर भी कोई सेफ नहीं है तो… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें