Connect with us

Crime

दिल्ली के जंतर मंतर पर देश भर के शिक्षकों से दिल्ली पुलिस के बर्ताव की पूरी कहानी

Published

on

जंतर मंतर, नई दिल्ली
एसएससी फेज 13 का एग्जाम था और परीक्षा केंद्र जो कि बहुत ज्यादा सुर्खियों में पहुंच जाता है। नाम उसका गुरु हरगोविंद सिंह। दरअसल एक परीक्षार्थी जिसका नाम रितिक शर्मा होता है। वो मीडिया में इंटरव्यू देने के दौरान बोलता है कि यहां पर करीब 450 परीक्षार्थी थे जो परीक्षा देने के लिए आए तो उसमे बायोमेट्रिक महज 200 स्टूडेंट यानी कि 200 परीक्षार्थियों का ही हो पाता है। बाकी का 250 का नहीं हो पाता। अब ऐसी स्थिति में अफरातफरी का माहौल हो जाता है। तभी कहा जाता है कि जब तक सभी परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक नहीं हो जाएगा तब तक परीक्षा शुरू नहीं होगी।

ऐसे में थोड़ी तसल्ली हो जाती है कि जब तक सबका नहीं होगा तब तक परीक्षा शुरू नहीं होगी। लेकिन कुछ ही देर के बाद एकदम से फरमान यह हो जाता है कि जिनका बायोमेट्रिक हो चुका है जाकर वो परीक्षा देना शुरू कर दें। अब कुछ परीक्षा देनी शुरू कर देते हैं। कुछ उनमें घुल मिल जाते हैं जिनका बायोमेट्रिक हुआ ही नहीं था। जब उन्हें अचानक से ही पता चलता है तो कुछ भगदड़ सी मच जाती है और फिर परीक्षार्थी अंदर पहुंच जाते हैं।

अब इस बात को लेकर काफी हंगामे की स्थिति हो जाती है और जब हंगामे की स्थिति थी तो हैरान करने वाली बात यहां पर सबसे ज्यादा यह थी कि जैसे एक परीक्षार्थी है तो उसके सामने जो कंप्यूटर रखा हुआ है कंप्यूटर में मॉनिटर नहीं है। बाकी सीपीयु है, माउस है, हर चीज है, कीबोर्ड है। लेकिन उसके पास जो मॉनिटर होता है वही नहीं है। यानी कि वो किसी चीज में देख ही नहीं पाएगा। तो एग्जाम कैसे दे सकता है… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें