मझोला, मुरादाबाद करीब 25 साल पुरानी यह बात है। एक घर में जुड़वा बच्चों का जन्म होता है। उनमें से एक बेटी होती है और दूसरा बेटा। दोनों बच्चों को बड़े प्यार और लाड़-प्यार से पाला जा रहा था। जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था।
लेकिन समय के साथ पति और पत्नी के बीच विवाद रहने लगा। आखिरकार पति ने पत्नी से अलग रहने का फैसला कर लिया। इस विवाद के बाद दोनों बच्चे मां के पास ही रहने लगे।
अब मां ने अपने बच्चों की परवरिश अकेले ही करने का फैसला किया। उसने दूसरी शादी न करने का निर्णय लिया। वह हमेशा कहती थी कि वह अपने बच्चों के हर सपने को पूरा करेगी, चाहे इसके लिए उसे कितनी भी मेहनत क्यों न करनी पड़े।
इसी सोच के साथ वह पूरी ईमानदारी और मेहनत से अपने बच्चों को पढ़ाती भी थी और साथ ही एक प्राइवेट नौकरी भी करती थी। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया, बच्चे भी बड़े होते गए। उनकी पढ़ाई-लिखाई का पूरा ध्यान रखा गया।
आखिरकार दोनों बच्चे बड़े होकर इंजीनियर बन जाते हैं।
लेकिन इसी दौर में सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ने लगता है। बेटा एक दिन सोचता है कि वह अपनी नौकरी छोड़कर उबर चलाना चाहता है, ताकि अपनी जिंदगी को अपनी शर्तों पर जी सके।
इसी दौरान एक दिन इंस्टाग्राम देखते-देखते उसके सामने एक खूबसूरत लड़की की प्रोफाइल आती है। वह लड़की महाराष्ट्र के पुणे शहर की रहने वाली थी। धीरे-धीरे दोनों की बातचीत शुरू होती है और कब उसे उस लड़की से प्यार हो जाता है, उसे खुद भी पता नहीं चलता।
एक दिन वह अपनी मां और बहन से कहता है कि उसे एक लड़की से प्यार हो गया है। मां और बहन कहते हैं कि इसमें कोई बुराई नहीं है, प्यार होना कोई गलत बात नहीं है।
तभी वह बताता है कि वह लड़की मुस्लिम समाज से है, जबकि वह खुद हिंदू समाज से है। बस यही बात मां और बहन को पसंद नहीं आती।
किसी ने सोचा भी नहीं था कि यही बात आगे चलकर एक खौफनाक घटना का रूप ले लेगी।
दरअसल, उस लड़के ने उस लड़की को कभी आमने-सामने देखा भी नहीं था। वे सिर्फ इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे को जानते और पहचानते थे। लेकिन इसके बावजूद वे साथ जीने-मरने की कसमें खा चुके थे।
आगे जो हुआ, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। हर जगह इसी बात की चर्चा हो रही थी कि जिस मां ने अपने सपनों को कुर्बान करके अपने बच्चों के सपनों को पूरा किया, उन्हें हर तरह की खुशियां दीं, आखिर वही बच्चे ऐसा कैसे कर सकते हैं?
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में दिल्ली रोड पर एक प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी है। यह 6 मार्च 2025 की दोपहर, लगभग 1:30 बजे का समय था।
25 साल का एक लड़का, जिसका नाम हार्दिक था, अपनी मां नीली मां के ऑफिस में पहुंचता है। वह अपनी मां को सरप्राइज देना चाहता था। इसलिए वह ऑफिस में मौजूद लोगों से कहता है कि किसी को यह पता न चले कि वह अपनी मां से मिलने आया है।
जैसे ही वह चुपके से अपनी मां के पीछे पहुंचता है, वह उनकी आंखें बंद कर देता है। आंखें बंद करने के बाद वह कुछ नहीं बोलता।
मां तुरंत समझ जाती है कि यह कोई और नहीं, बल्कि उसका बेटा है।
मां मुस्कुराते हुए कहती है, “हार्दिक, क्या बात है? तुम यहां क्या कर रहे हो? तुम्हें शाम को अपनी जॉब पर भी तो जाना है। तुम्हें गुरुग्राम भी तो जाना है।”
हार्दिक कहता है, “हां मां, आपके लिए एक सरप्राइज है। आपको कुछ दिखाना है। आप देखकर हैरान रह जाएंगी।”
यह सुनकर मां बहुत खुश हो जाती है। वह इसलिए भी खुश थी क्योंकि हार्दिक होली का त्योहार मनाने के लिए घर आया हुआ था। उसकी छोटी बहन भी घर पर थी।
हार्दिक अपनी मां से कहता है, “मां, चलो घर चलते हैं। वहीं आपको सरप्राइज दिखाऊंगा।”
उनका घर मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में बुद्धि विहार सेक्टर-2 के पास स्थित है। इसी इलाके में गणेश पार्क के सामने एक किराए के मकान में यह परिवार रहता था।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें