दो लड़के मेडिकल स्टोर पर जाते हैं। वहां जाकर खड़े हो जाते हैं और कुछ देर तक चुपचाप खड़े रहते हैं। इसी बीच मेडिकल स्टोर वाले की नजर उन पर पड़ जाती है।
मेडिकल स्टोर वाला पूछता है, “तुम्हें क्या चाहिए?” लेकिन दोनों लड़के एकदम खामोश रहते हैं। वे इंतजार कर रहे थे कि जब यहां मौजूद कस्टमर चले जाएंगे, तब वे अपनी मांग बताएंगे।
ऐसा ही होता है। जब कस्टमर वहां से चले जाते हैं, तो दोनों लड़के मेडिकल स्टोर वाले से कुछ मांगते हैं। वे हाथों के इशारे से अपनी बात समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन मेडिकल स्टोर वाला समझ नहीं पाता।
वह उनकी बात जानने की कोशिश करता है। तभी पीछे से एक लड़के की आवाज आती है, “हमें पावर की गोलियां चाहिए।” यानी उन्हें शक्तिवर्धक गोलियां चाहिए थीं।
जैसे ही मेडिकल स्टोर वाले ने यह बात सुनी, उसने कहा, “हम इस तरह की गोलियां नहीं देते हैं। जब तक कोई डॉक्टर तुम्हें लिखकर नहीं देगा, तब तक हम यह दवा नहीं दे सकते। पर्चा होगा तो दिखाइए और दवा ले जाइए।”
जब उन लड़कों को यहां दवा नहीं मिलती, तो उसके बाद वे दूसरे मेडिकल स्टोर पर पहुंचते हैं। फिर तीसरे, फिर चौथे मेडिकल स्टोर पर जाते हैं। जहां भी जाते, वे इंतजार करते कि वहां कोई और ग्राहक न हो, ताकि किसी को पता न चले और उन्हें गोलियां मिल जाएं।
कई मेडिकल स्टोर पर जाने के बाद आखिरकार एक ऐसा मेडिकल स्टोर मिलता है, जहां उन्हें दवा मिल जाती है। लड़के दवा मांगते हैं और मेडिकल स्टोर वाला उन्हें दवा दे देता है। उसका पेमेंट भी कर दिया जाता है।
जब पेमेंट हो रहा था, इसी बीच मेडिकल स्टोर वाला कहता है, “ऐसी दवाई दे रहा हूं, इसे खाने के बाद मजा न आए तो फिर कहना।”
इस तरह की बात सुनकर दोनों लड़के थोड़ा शर्माते हैं और चुपचाप वहां से निकल जाते हैं।
वहां से निकलने के बाद वे उस जगह पहुंचते हैं, जहां लड़की मिलने वाली थी। लड़की को बाइक पर बैठाया जाता है और उसके बाद वे सीधे एक होटल पहुंच जाते हैं।
होटल में जाने के बाद पहले शराब पी जाती है। शराब पीने के बाद एक लड़का उस लड़की के साथ वक्त बिताना शुरू कर देता है। जैसे ही वह गोलियां खाता है और शराब पीता है, उसका व्यवहार बेहद आक्रामक हो जाता है और वह लड़की के साथ जानवरों जैसा व्यवहार करना शुरू कर देता है।
वह लड़की को नोचने लगता है। लड़की परेशान हो जाती है और बार-बार उसे रोकने की कोशिश करती है, लेकिन वह बेकाबू हो चुका था। वह लड़की के विरोध के बावजूद उसके साथ गलत हरकतें लगातार करता रहता है।
लड़की विरोध कर रही थी, लेकिन विरोध करने के बावजूद वह रुकने को तैयार नहीं था। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि आखिरकार लड़की की मौत हो जाती है।
जब लड़की की मौत की खबर सामने आती है, तो इस घटना की गूंज अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचती है। लोगों को बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा था कि इस मामले में लड़की की मौत की असली वजह यह हो सकती है।
पुलिस ने घटना के पूरे क्रम का खुलासा भी किया। लेकिन इस मामले में मेडिकल स्टोर वाले का कहीं नाम सामने नहीं आता है। जब इस बारे में सवाल उठता है, तो ऐसा लगता है कि पुलिस ने इस पहलू को शायद उतनी गंभीरता से नहीं लिया।
सवाल यह है कि यदि वह गोलियां नहीं दी गई होतीं, तो क्या वह लड़का इस तरह जानवरों जैसा व्यवहार करता? क्या तब यह कत्ल होता?
क्या है इस पूरे घटनाक्रम की कहानी? कौन थी वह लड़की? कैसे वह लड़की उन लड़कों को मिली? और आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ था?
आज की इस कहानी के माध्यम से इन्हीं सवालों को जानने और समझने की कोशिश करते हैं।
आज की सच्ची घटना उत्तर प्रदेश के जिला फिरोजाबाद में कोतवाली शिकोहाबाद से जुड़ी है।
यह तारीख थी 26-27 अगस्त 2026 की रात। लगभग 2:30 बजे का वक्त हो रहा था। भूरा पुल, जो सिरसा नहर पर बना हुआ है, वहां 112 नंबर की एक पुलिस गाड़ी खड़ी थी। गाड़ी की लाइटें बंद थीं, लेकिन पुलिसकर्मी जाग रहे थे।
इसी बीच सामने लगभग 200 मीटर की दूरी पर एक बाइक आती हुई दिखाई देती है। बाइक जैसे ही रुकती है, उसकी लाइट पुलिस की गाड़ी पर पड़ती है। पुलिसकर्मियों को देखकर बाइक सवारों को पता चल जाता है कि वहां पुलिस की गाड़ी खड़ी है।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें…