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Crime

टाइगर श्रॉफ पर हमले के पीछे कौन? लॉरेंस बिश्नोई गैंग का क्या है कनेक्शन?

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दिल्ली

2012 बैच के एक आईपीएस ऑफिसर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। तारीख थी 29 अगस्त 2025। सवाल-जवाब का सिलसिला चल रहा था। पत्रकार सवाल पूछ रहे थे और आईपीएस ऑफिसर उनके जवाब दे रहे थे। जवाब देते-देते आईपीएस ऑफिसर ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को ‘लॉरेंस बिश्नोई साहब’ कहकर संबोधित कर दिया।

उन्होंने कहा, “मैं यह बता सकता हूं कि इसमें जो मैसेज था, जो कॉल था, उस कॉल में लॉरेंस बिश्नोई साहब का नाम लिया गया था।”

जैसे ही उनके मुंह से ये शब्द निकले, यह बात रिकॉर्ड हो गई। रिकॉर्ड होने के बाद अक्टूबर 2026 में यह वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगा।

अब चाहे पत्रकार हों, अन्य मीडिया संस्थान हों या आम लोग, सभी ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि अगर एक आईपीएस ऑफिसर किसी गैंगस्टर को ‘लॉरेंस बिश्नोई साहब’ कहकर बुलाएगा, तो फिर एक आम आदमी की क्या बिसात है?

इतना कहना था कि आईपीएस ऑफिसर को सफाई देनी पड़ गई। उन्होंने कहा कि उनके मुंह से गलती से ‘साहब’ निकल गया था और उनकी जुबान फिसल गई थी। उनके सीनियर ऑफिसर भी हैं, जिनका सरनेम बिश्नोई है। इसलिए उनके मुंह से ‘साहब’ निकल गया। उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था कि जानबूझकर गैंगस्टर के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया जाए।

अब भले ही कितनी भी सफाई क्यों न दी जाए, लेकिन सवाल तो खड़े होते ही हैं। सवाल इसलिए भी उठते हैं, क्योंकि लॉरेंस बिश्नोई पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ में 85 से ज्यादा मुकदमे दर्ज होने की बात कही जाती है।

लॉरेंस बिश्नोई को साल 2015 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में है। वह कभी पंजाब की जेल में रहा, फिर राजस्थान की जेल में और दिल्ली की तिहाड़ जेल में भी रहा। फिलहाल वह गुजरात की जेल में बंद है।

जेल में रहते हुए भी उसकी सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। कहते हैं न कि अगर कोई व्यक्ति जेल में किसी से मुलाकात करने जाता है, तो बिना जांच-पड़ताल के एक सामान तक अंदर नहीं ले जा सकता। लेकिन लॉरेंस बिश्नोई के बारे में दावा किया जाता है कि वह जेल में रहते हुए भी दुनिया भर की खबर रखता है और अलग-अलग लोगों से संपर्क बनाए रखता है। आरोप यह भी लगते रहे हैं कि वह जेल के अंदर से ही संदेश पहुंचाता है और उसके बाद घटनाएं उसकी मर्जी के मुताबिक होती हैं।

अब सवाल यह उठता है कि जेल में बैठकर इतना बड़ा नेटवर्क कैसे चलाया जा सकता है? अगर एक आईपीएस ऑफिसर उसे ‘साहब’ कहकर संबोधित करता है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।

जब लॉरेंस बिश्नोई जेल के अंदर है, तो वह वहां से क्या कर रहा है? इस मामले में यह भी कहा जाता है कि 85 से ज्यादा मुकदमे दर्ज होने के बावजूद कई मामलों में गवाह और सबूत सामने नहीं आ पाते। दावा किया जाता है कि अब तक उसे केवल चार मामलों में ही सजा सुनाई गई है, जबकि बाकी मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि संबंधित अदालती रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।

इतना बड़ा गैंगस्टर होने के कारण लोग उसके खिलाफ गवाही देने से डरते हैं या नहीं, यह भी जांच का विषय है। लेकिन सवाल तो खड़े होते ही हैं।

अब बात करते हैं अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की। आखिर इस हमले के पीछे की पूरी कहानी क्या है? आज की इस कहानी के माध्यम से इसे जानने और समझने की कोशिश करते हैं।

आदाब, नमस्कार, सत श्री अकाल! मैं हूं उस्मान सैफी।

मुंबई के जुहू पुलिस स्टेशन से लगभग 350 मीटर की दूरी पर पुष्पा नरसी पार्क है। वहां फुटबॉल का मैच चल रहा था। मैच खेलने के बाद 18 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे टाइगर श्रॉफ अपनी BMW कार से घर के लिए निकलने वाले थे। उस समय उनके प्रशंसक और फैंस पहले से ही वहां उनका इंतजार कर रहे थे। बस एक छोटी-सी… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें