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Crime

मोबाइल में फोटो देख पुलिस ने पहचाना अपराधी, ढाबे पर ऐसे हुआ गिरफ्तार!

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जमशेदपुर/झारखंड

झारखंड के जमशेदपुर में एक व्यक्ति की तलाश में कई पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में घूम रहे थे। वे कभी किसी दुकानदार के पास जाते, तो कभी राह चलते लोगों से पूछताछ करते। वे लोगों को अपने मोबाइल में एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाते और पूछते, “भाई, क्या तुम इसे जानते हो? क्या तुमने इसे कहीं देखा है? क्या तुम इसे पहचानते हो?”

लेकिन बार-बार पूछताछ करने के बावजूद कोई भी उस व्यक्ति के बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं था।

इसी तरह एक-दो दिन बीत जाते हैं और तारीख आ जाती है 19 अक्टूबर 2026 की। दोपहर के लगभग एक बजे का वक्त हो रहा था। इसी बीच एक पुलिसकर्मी दूसरे पुलिसकर्मी से कहता है, “साहब, मुझे बहुत जोर की प्यास लगी है। साथ ही चाय पीने का भी मन कर रहा है। पैदल चलते-चलते थक गया हूं। अब क्या करूं?”

इस पर दूसरे पुलिसकर्मी कहते हैं, “हां साहब, हमारा भी चाय पीने का मन कर रहा है।”

अब तीन-चार पुलिसकर्मी आसपास किसी ढाबे या ऐसी जगह की तलाश करने लगते हैं, जहां बैठकर वे चाय पी सकें और पानी पीकर थोड़ी देर आराम कर सकें।

थोड़ी दूर चलने के बाद उन्हें एक ढाबा दिखाई देता है। वे वहां पहुंचते हैं और कुर्सियों पर बैठ जाते हैं। टेबल पर थोड़ी गंदगी पड़ी हुई थी। इसी बीच वे सबसे पहले वेटर को आवाज लगाते हैं। एक तरफ वे चाय-नाश्ते का ऑर्डर देते हैं, तो दूसरी तरफ कहते हैं, “भाई, किसी लड़के को भेज दो, जो इस टेबल को कपड़े से साफ कर दे।”

वेटर उनका ऑर्डर लिख लेता है और तुरंत एक दूसरे लड़के को आवाज लगाकर कहता है, “भाई, जितनी जल्दी हो सके, इस टेबल को साफ कर दो।”

वह लड़का टेबल साफ करने के लिए आ जाता है, जबकि वेटर ऑर्डर तैयार करवाने के लिए वहां से चला जाता है।

पुलिसकर्मी आपस में बातचीत कर ही रहे थे कि तभी उनकी नजर उस लड़के पर पड़ती है, जो टेबल साफ कर रहा था। इसी बीच उनमें से एक पुलिसकर्मी अपनी जेब से मोबाइल निकालता है और उसमें मौजूद तस्वीर को बड़े गौर से देखने लगता है। फिर वह मोबाइल में दिखाई दे रही तस्वीर और टेबल साफ कर रहे लड़के के चेहरे का मिलान करने लगता है।

कुछ देर तक ध्यान से देखने के बाद पुलिसकर्मी आंखों ही आंखों में एक-दूसरे को इशारा करते हैं। उनके इशारे का मतलब साफ था। वे एक-दूसरे को बताने की कोशिश कर रहे थे कि जिस व्यक्ति की वे तलाश कर रहे हैं, शायद वह यही लड़का है।

अब वे उस लड़के से उसका नाम पूछते हैं। जैसे ही उससे नाम पूछा जाता है, वह थोड़ा सकपका जाता है और घबरा जाता है।

इसी बीच पुलिसकर्मी उससे पूछते हैं, “तुम्हारा नाम क्या है? कहां के रहने वाले हो?”

जैसे ही वह व्यक्ति बोलना शुरू करता है, पुलिसकर्मियों को उसकी बोली और भाषा से शक और गहरा हो जाता है। वह उस इलाके से लगभग 400 किलोमीटर दूर का रहने वाला था, इसलिए उसकी बोली में भी अंतर था।

अब पुलिसकर्मियों को यकीन होने लगता है कि वे जिस व्यक्ति की तलाश कर रहे थे, शायद वह यही है।

जैसे ही पुलिसकर्मी उसका हाथ पकड़ते हैं, ताकि वह भाग न सके, वहां मौजूद लोगों को कुछ समझ नहीं आता। देखते ही देखते वहां हड़कंप मच जाता है। इसकी वजह यह थी कि किसी को पता ही नहीं था कि सादे कपड़ों में घूम रहे ये लोग पुलिसकर्मी हैं।

लेकिन उस व्यक्ति को अच्छी तरह पता था कि ये पुलिसवाले हैं, क्योंकि उसने एक अपराध किया था। अपराध करने के बाद से ही वह लगातार इधर-उधर भाग रहा था और अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था।

इसी बीच ढाबे का मालिक, वहां काम करने वाले दूसरे लोग और आसपास मौजूद लोग भी इकट्ठा होने लगते हैं।

पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें

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