Connect with us

Crime

आधी रात, सुनसान फार्म हाउस और कैद 23 साल की लड़की… फिर हुआ बड़ा खुलासा

Published

on

अमरोहा/उत्तर प्रदेश

करीब 50 बीघा जमीन में एक बड़ा फार्म हाउस बना हुआ है। उसमें आलीशान कमरे हैं। यदि फार्म हाउस से बाहर निकला जाए तो ईख के खेत शुरू हो जाते हैं और आम के बाग भी शुरू हो जाते हैं। करीब 4 किलोमीटर तक यहां कोई आबादी नहीं है। आसपास कोई गांव या घर नहीं है।

फार्म हाउस के एक कमरे के अंदर 23 साल की एक लड़की बंद है। कमरे के अंदर बंद होने के दौरान सबसे पहले उसके पास सीआरपीएफ का एक हेड कॉन्स्टेबल पहुंचता है। वह उसके पास कुछ वक्त बिताता है और उसके बाद वहां से निकलकर बाहर आ जाता है।

जैसे ही वह बाहर आता है, अपने सीनियर यानी सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर से कहता है, “साहब, अब आप चले जाइए। आपका नंबर है।”

इसके बाद सीआरपीएफ का इंस्पेक्टर उस लड़की के पास जाता है। उससे बातचीत करता है और उसके साथ कुछ वक्त बिताता है। वक्त बिताने के बाद वह भी बाहर आ जाता है।

जैसे ही सीआरपीएफ का इंस्पेक्टर बाहर आता है, वहां उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात एक दरोगा मौजूद होता है। उससे कहा जाता है, “साहब, अब आप चले जाइए और जाकर बातचीत कर लीजिए।”

वह दरोगा भी कमरे के अंदर चला जाता है और लड़की के साथ कुछ वक्त बिताता है। वक्त बिताने के बाद वह वापस बाहर आता है।

इसके बाद उसी जिले में काम करने वाला उत्तर प्रदेश पुलिस का एक सिपाही वहां मौजूद होता है। दरोगा उससे कहता है, “चल, ठीक है। अब तू चला जा।”

जब सिपाही कमरे के अंदर जाने लगता है और दरवाजे के बिल्कुल पास पहुंचता है, तब रात करीब 1 बजे का समय था। यह 22 और 23 सितंबर 2026 की रात की बात है।

अंदर मौजूद 23 साल की लड़की ने जैसे ही उस सिपाही को अपनी ओर आते हुए देखा, उसने तेजी से उसे बहुत जोर की लात मार दी।

जैसे ही सिपाही को लात लगी, वह एकदम से औंधे मुंह पीछे जाकर गिर पड़ा।

अब उस कमरे में लड़की के अलावा कोई नहीं था। लड़की समझ जाती है कि अगर वह यहां से भागने की कोशिश करती है तो चारों तरफ जंगल और खेत हैं। वह इस इलाके से परिचित भी नहीं है। ऐसे में उसके लिए बहुत बड़ी दिक्कत खड़ी हो सकती है।

वह तुरंत दरवाजा बंद कर देती है और दरवाजा बंद करने के साथ-साथ उसके सामने कुछ ऐसा सामान भी लगा देती है कि अगर कोई दरवाजे को झटका मारकर खोलने की कोशिश करे तो वह आसानी से उसे खोल न पाए।

इसके बाद वह तुरंत अपना मोबाइल उठाती है। सबसे पहले वह यह पता लगाने की कोशिश करती है कि वह इस समय कहां है और उसकी लोकेशन क्या है।

लोकेशन पता करने के बाद वह जितनी जल्दी हो सके, यह जानने की कोशिश करती है कि अगर पुलिस से मदद मांगी जाए तो पुलिस आखिर यहां तक कैसे पहुंचेगी।

लेकिन उसके मन में डर भी था। जो लोग बाहर मौजूद थे, वे भी तो वर्दी में थे। कोई सीआरपीएफ का जवान था तो कोई उत्तर प्रदेश पुलिस का जवान। ऐसे में वह मदद मांगे भी तो कैसे मांगे?

लेकिन उसने सोचा कि क्यों न मदद ही मांगी जाए। यही आखिरी रास्ता है और अब उसके पास कोई दूसरा रास्ता भी नहीं बचा था।

आखिरकार उस लड़की ने 112 नंबर पर पुलिस को फोन किया। फोन करने के बाद उसने पुलिस को अपनी लोकेशन बताने की कोशिश की और कहा कि वह फलां जगह पर मौजूद है।

जैसे ही 112 नंबर पर उसका फोन पहुंचता है, पुलिस एकदम अलर्ट मोड में आ जाती है। पुलिस ने नजदीकी पुलिस स्टेशनों को सूचना दी। इनमें हसनपुर कोतवाली भी शामिल थी।

पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें…