19 अगस्त 2026 की दोपहर लगभग 12:15 बजे का वक्त हो रहा था। एक महिला अपने पति के सीने पर बैठ जाती है और सीने पर बैठने के बाद एक के बाद एक घूंसे मारना शुरू कर देती है। जब घूंसे मारते-मारते थक जाती है, तब लातें मारना शुरू कर देती है। इसी तरह वह लगातार अपने पति की पिटाई कर रही थी।
जब वह पिटाई कर रही थी, तो उसकी आवाजें, सिसकियां और चीखने की आवाजें पड़ोस तक पहुंच जाती हैं। पड़ोस में एक छोटी बच्ची रहती थी। उसके हाथ में एक मोबाइल था। बच्ची ने चुपके से मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
जैसे ही उसने वीडियो बनाना शुरू किया, अभी कुछ ही सेकंड हुए थे, लगभग 24-25 सेकंड के आसपास। इसी बीच उस महिला को एहसास होता है कि जैसे कोई उसे देख रहा है। जैसे ही महिला पीछे मुड़कर देखने की कोशिश करती है, बच्ची समझ जाती है कि महिला ने उसे देख लिया है। वह तुरंत छिप जाती है।
इसके बाद वीडियो में जो कुछ भी रिकॉर्ड हुआ, वह बच्ची के मोबाइल में कैद हो जाता है। लगभग 4-5 दिन बाद यह वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से वायरल होना शुरू हो जाता है।
जितने लोगों ने भी यह वीडियो देखा, वे हैरान रह गए। हैरानी इसलिए थी क्योंकि वीडियो में महिला अपने ही पति के सीने पर बैठकर लगातार घूंसे और लातें मार रही थी। इस दौरान उनका एक घरेलू कुत्ता भी महिला को रोकने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वहां कोई इंसान उन्हें रोकने के लिए नहीं पहुंच पाया।
जिस दिन यह वीडियो वायरल हुआ, उससे ठीक एक रात पहले यानी 24 और 25 अगस्त 2026 की रात को ही उसके पति की हत्या कर दी गई थी।
हत्या के पीछे जो वजह सामने आती है, उसे सुनकर लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि इसके पीछे की वजह ऐसी भी हो सकती है।
अगर हम घरवालों की बात मानें, तो उनका कहना था कि वह महिला अपने पति को इतनी शराब पिला दिया करती थी कि उसका पति नशे में धुत होकर आराम से सो जाया करता था। इसी दौरान घर में एक अनचाहा मेहमान आता था और वह तब तक वहां रहता था, जब तक उसका मन नहीं भर जाता था।
आखिर इस हत्याकांड के पीछे की पूरी कहानी क्या है? आज की इस कहानी के माध्यम से इसे जानने और समझने की कोशिश करते हैं।
आज की जो घटना है, यह घटना उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर की नगर कोतवाली क्षेत्र की है। नगर कोतवाली क्षेत्र में एक गांव लगता है बहलूमपुरा और यह बात 25 अगस्त 2026 की सुबह लगभग 6:00 बजे के आसपास की है।
एक घर से बहुत ज्यादा चीखने-चिल्लाने और रोने की आवाजें आ रही थीं। जैसे ही दिन निकलता है और लोगों को इस तरह रोने की आवाजें सुनाई देती हैं, लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिरकार हुआ क्या है।
तुरंत ही लोग रोने-पीटने की आवाज वाली जगह पर पहुंचते हैं। वहां जाकर देखते हैं कि इस घर के अंदर फिलहाल तीन सदस्य थे। एक पति, उसकी पत्नी और लगभग आठ साल की एक बेटी।
जो पति था, वह बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ था। पत्नी रो रही थी और बेटी भी रो रही थी।
तभी आसपास के लोग उस व्यक्ति को उठाते हैं और उसे एक डॉक्टर के पास लेकर जाते हैं। डॉक्टर को दिखाने की कोशिश की जाती है, लेकिन वहां पता चलता है कि उसकी मौत हो चुकी है।
जैसे ही उस व्यक्ति की मौत की सूचना मिलती है, आसपास के लोगों के बीच अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो जाती है। जैसे ही परिवार और रिश्तेदारों को अंतिम संस्कार की खबर मिलती है, वे सभी घर पहुंचना शुरू कर देते हैं।
जैसे ही परिवार और रिश्तेदार घर पहुंचते हैं और उस व्यक्ति को देखते हैं, उन्हें उसके गले पर कुछ अजीब से निशान दिखाई देते हैं। उन निशानों को देखकर लोगों को शक होता है कि जरूर यहां कुछ गड़बड़ है।
लोग कहते हैं कि अंतिम संस्कार बाद में होगा। पहले पुलिस यहां आएगी।
इसके बाद 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी जाती है। जैसे ही पुलिस को सूचना मिलती है, पुलिस मौके पर पहुंचती है। संबंधित थाना यानी नगर कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंच जाती है। सीओ प्रखर पांडे भी मौके पर पहुंचते हैं।
अब मामले की जांच-पड़ताल शुरू होती है। गांव वाले, परिवार के लोग और रिश्तेदार आपस में बातचीत कर रहे थे कि आखिरकार इस व्यक्ति की मौत कैसे हुई? पुलिस से कहा जाता है कि इस मौत के पीछे की असली वजह का पता लगाया जाए।
पुलिस शव को कब्जे में लेती है और पोस्टमार्टम के लिए भेज देती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलता है कि उस व्यक्ति की गला घोंटकर हत्या की गई थी।
लेकिन सवाल यह था कि घर के अंदर तो सिर्फ तीन सदस्य थे—एक लगभग आठ साल की बेटी, उसकी पत्नी और वह खुद।
उस व्यक्ति का नाम कृष्ण कुमार था। उसकी पत्नी का नाम प्रीति था और कृष्ण कुमार की उम्र लगभग 35 वर्ष थी।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें…