मोतिहारी, बिहार गांव मोहिद्दीपुर से लगभग 10 किलो मीटर दूर खोड़ा है और खोड़ा के पास ही एक सरह जगह लगती है। वहां पर एक लड़के को एक के बाद एक चार गोलियां मारी जाती हैं। उसकी हत्या कर दी जाती है। जैसे ही यह पता चलता है कि उसकी हत्या हो गई है। उसके गांव के लोगों को यह सूचना दे दी जाती है और जैसे ही सूचना पहुंचती है, उसके बाद फिर गांव के लोग उस घर में पहुंचते हैं कि तुम्हारे लड़के को किसी ने गोली मार दी है। इस सूचना के बाद फिर गांव के घर के जितने भी रिश्तेदार थे, आसपास के लोग थे, अब उस घटना स्थल की तरफ भागना शुरू कर देते हैं। लेकिन यह बात कही जाती है कि बहू को पता नहीं चलना चाहिए। जो मरा है उसकी पत्नी को अगर पता चलेगा तो बहुत ज्यादा दिक्कत हो सकती है, परेशानी हो सकती है।
अब ये सब के सब गांव के लोग दौड़ रहे हैं, भाग रहे हैं। जिसका जैसे मौका था कोई बाइक से जा रहा है, कोई ट्रैक्टर से जा रहा है, कोई और किसी वाहन से पहुंच रहा है। इसी बीच में जो महिला होती है, उसको यह भी बात पता चलती है। वो भी रोते हुए बिलखते हुए अपने उस पति को देखने के लिए घर से निकल आती है। लगभग 600 मीटर की दूरी उसने अभी तय की होगी। इसी बीच में उसी के परिवार का एक लड़का बाइक लेकर आता है और आके कहता है कि भाभी आप मेरे साथ गाड़ी पर बैठ जाओ और हम लोग वहीं चल रहे हैं। आप परेशान मत हो।
उस महिला का रो-रो कर बुरा हाल था। समझ नहीं आ रहा था कि आखिरकार करे तो क्या करे। वो लगभग 10 किलो मीटर का जो सफर था ऐसा लग रहा था जैसे कितना लंबा सफर हो चुका है। आखिरकार वो सफर तय किया जाता है। मौके पर जाकर देखते हैं तो उसके पति को एक के बाद एक कई गोलियां मारी गई थी पत्नी अपने पति के पास बैठ जाती है और जोर-जोर से रोना चीखना शुरू कर देती है। इसी बीच में किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस मौके पर आती है और मौके पर आने के बाद पुलिस ने उस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जब भेजने की जब कोशिश की तो उस महिला ने दहाड़े मारते हुए कहा कि मैं अपने पति की इस लाश को उठने नहीं दूंगी। जब तक क्या कातिल सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाएंगे जब तक क्या उसको इंसाफ नहीं मिल जाएगा। अब पुलिस… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें