Crime

5 दिन, 32 दरिंदे और एक मासूम की चीख

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श्री गंगानगर, राजस्थान
एक महिला दिनभर मजदूरी करने के बाद जब अपने घर लौटती है, तो दरवाजा खोलते ही अपनी बेटी को आवाज लगाने लगती है। लेकिन घर में बेटी नहीं मिलती। वह आस-पड़ोस के उन सभी घरों और जगहों पर जाती है, जहाँ उसकी बेटी अक्सर आया-जाया करती थी। वह अपनी बेटी को हर मुमकिन जगह तलाशने की कोशिश करती है, लेकिन जब उसका कहीं कोई अता-पता नहीं चलता, तो माँ घबराकर सीधे नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुँच जाती है।

थाने की दहलीज पर कदम रखने से पहले ही वह जोर-जोर से रोने लगती है। महिला को इस कदर रोता देख पुलिसकर्मी उससे पूछते हैं, “आखिर तुम रो क्यों रही हो? क्या बात है? क्या परेशानी है? हम तुम्हारी किस तरह मदद कर सकते हैं?”

तभी वह महिला रोते हुए कहती है, “मेरी 13 साल की बेटी है। आज से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि वह घर से गायब हुई हो। वह कहीं मिल नहीं रही है।”

महिला की बात सुनते ही पुलिसकर्मियों ने उसकी शिकायत (तहरीर) को पूरी गंभीरता से लिया और तुरंत गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने अपने मुखबिरों और आस-पड़ोस के लोगों को अलर्ट कर दिया और निर्देश दिए कि इस लड़की के बारे में कोई भी छोटी से छोटी जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए।

इसी तरह तफ्तीश करते हुए 5 दिन बीत जाते हैं। 5 दिन बाद पुलिस को एक अहम सुराग (इनपुट) मिलता है कि लड़की एक होटल के अंदर है। सूचना मिलते ही एक पुलिसकर्मी कहता है, “साहब, अगर आपकी इजाजत हो, तो सबसे पहले मैं वहाँ जाऊँ।”

यद्यपि पुलिस ने उस होटल को चारों तरफ से घेर लिया था, फिर भी वह पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में एक ग्राहक बनकर होटल के अंदर जाता है। ग्राहक बनकर जाने की वजह यह थी कि इनपुट के अनुसार, लड़की को न सिर्फ उस होटल में, बल्कि अलग-अलग होटलों में ले जाकर उसके साथ गंदा और घिनौना कृत्य कराया जा रहा था।

होटल के अंदर पहुँचकर पुलिसकर्मी ने कम उम्र की लड़की की मांग की। जब उसे कुछ तस्वीरें दिखाई गईं, तो उसने कहा, “जब तक मैं लड़की को सामने नहीं देख लूँगा, तब तक यकीन नहीं करूँगा।” जैसे ही उस पुलिसकर्मी ने लड़की को अपनी आँखों के सामने देखा, उसने बाहर तैनात टीम को एक तय सिग्नल दे दिया।

सिग्नल मिलते ही, होटल को घेरे खड़ी पुलिस टीम तुरंत अंदर दाखिल हुई और लड़की को सुरक्षित बचा लिया। लड़की को छुड़ाने के बाद जो सच सामने आया, वह खौफनाक था। पता चला कि पिछले 5 दिनों में उस मासूम के साथ 32 दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। जब भी वह मासूम चीखती या चिल्लाती थी, तो आरोपी उसके मुँह में शराब की बूंदें डाल देते थे ताकि वह बेहोश रहे।

जब यह घटनाक्रम अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के सामने आया, तो न केवल उस राज्य में बल्कि पूरे भारतवर्ष में इसकी तीखी आलोचना और विरोध शुरू हो गया। कोई भी इस घटना के बारे में सुनेगा, तो हैरान रह जाएगा कि हमारे समाज में कैसे-कैसे दरिंदे घूम रहे हैं।

18 जून 2026 की यह बात है। राजस्थान की राजधानी जयपुर से लगभग 668 किलोमीटर दूर श्रीगंगानगर जिला है। यहाँ के सदर थाना क्षेत्र की रहने वाली यह 13 साल की लड़की रास्ता भटक गई थी और थोड़ी परेशान थी। उसकी चाल-ढाल और हाव-भाव (बॉडी लैंग्वेज) से साफ अंदाजा लगाया जा सकता था कि वह संकट में है। इसी बीच वहाँ एक ई-रिक्शा वाला आता है। वह लड़की के पास गाड़ी रोककर पूछता है, “बेटा, अगर तुम्हें कोई ऐतराज न हो, तो क्या तुम बताओगी कि तुम्हें कहाँ जाना है? मैं तुम्हें छोड़ देता हूँ।”

तभी लड़की सहमते हुए कहती है, “मुझे कुछ नहीं पता, मैं अपने घर का रास्ता भूल चुकी हूँ।” जैसे ही वह रिक्शा वाला लड़की से यह सब पूछता है और सुनता है, उसके बाद… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें

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