बक्सर, बिहार आपने फिल्मों में देखा होगा बात जब उत्तर प्रदेश की हो या बिहार की हो तो बिना कट्टे बिना तमंचे के बात नहीं होती है। अगर कोई छोटा सा गाना भी फिल्माया जाता है तो उसमें 10-20 गोलियां तो यूं ही हवा में तैर जाती हैं। आज की कहानी जो हम आपको सुनाने जा रहे हैं यह कहानी बिहार की है। बिहार में एक दबंग व्यक्ति अपने छोटे भाई को कुछ कारोबार कराना चाहता था। कंस्ट्रक्शन का कारोबार जिसमें बालू, रोड़ी, बदरपुर, सीमेंट इस तरह का काम शुरू कराना चाहता था। पड़ोसियों को इस बात से ऐतराज हो जाता है और इसके बाद फिर गोलियां चलना शुरू हो जाती हैं।
एक दो गोली नहीं चलती गोलियां 25 से ज्यादा चल जाती हैं और कत्ल हो जाते हैं चार लोगों के। पांचवा व्यक्ति जो होता है जिसमे एक ही परिवार के सब लोग हैं। वो जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था। आखिरकार जब ये घटनाक्रम लोगों को पता चलता है तो लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि जब हम 21वीं सदी के इस दौर में चल रहे हैं। जहां सिर्फ बात तरक्की की होती है। जहां बात सिर्फ साइंस की होती है। वहां आज भी कट्टे और तमंचे की बातें होती हैं।
आज की इस कहानी को सुनने के बाद आप लोग भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे की क्या ऐसा भी हो सकता है। ये सच्ची घटना है बिहार प्रदेश का एक जिला है बक्सर। बक्सर जिले का एक थाना लगता है राजपुर। और राजपुर में ही एक जगह है जलहरा मार्ग। वहां पर एक गांव लगता है अहियापुर। दरअसल बात है 23 मई 2024 की। यह शाम की बात है। एक लड़का दौड़ता हुआ अपने घर पर पहुंचता है और जाकर कहता है कि वहां पर जो हमारी दुकान है कंस्ट्रक्शन की वहीं पास में ही जो मुखिया है उसने अपना भी सामान डाल लिया है… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें