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पत्नी की 3 शर्तें मानकर घर लाया पति, 2 महीने बाद जो हुआ उसने सबको हिला दिया!

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मुंबई/महाराष्ट्र

मियां और बीवी में छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। झगड़े का रूप कब बड़ा होता चला जाता था, पता ही नहीं चलता। इसलिए पत्नी ने सोचा कि वह अपनी लगभग 16 साल की बेटी को लेकर घर से निकल जाती है और सीधे मायके पहुंच जाती है।

जब वह घर से निकल रही थी, तब उसका 19 साल का बेटा भी वहीं था। वह बेटे को अपने पापा के पास छोड़ देती है और कहती है, “तुम पापा के साथ ही रहो, मैं चली।”

महिला घर से जाने के बाद अपने मायके में लगभग छह-सात महीने रहती है। छह-सात महीने वहां रहने के बाद वह वहां से भी निकल आती है और फिर किराए के कमरे में रहना शुरू कर देती है।

यह परिवार काफी संपन्न था। परिवार करोड़पति था और किसी चीज की कोई कमी या परेशानी नहीं थी। इधर महिला अपनी बेटी के साथ रह रही थी और देखते ही देखते लगभग आठ महीने का समय बीत जाता है।

जब आठ महीने का वक्त हो जाता है तो महिला के ससुराल वाले और मायके वाले आपस में बातचीत करते हैं। बातचीत के बाद वे कहते हैं कि हम लोग काफी रसूखदार हैं और हमारे पास किसी चीज की कोई कमी नहीं है। इस तरह बेटी का घर से बाहर रहना ठीक नहीं है।

इसके बाद दोनों परिवार आपस में बैठते हैं और एक समझौता तैयार करते हैं। समझौता तैयार करने का मकसद यही था कि किसी तरह महिला को वापस घर लाया जा सके।

जब महिला से वापस आने के लिए बातचीत की जाती है तो वह साफ-साफ कह देती है, “मेरी तीन शर्तें हैं। अगर आप लोगों को मेरी तीनों शर्तें मंजूर हैं, तो मैं घर वापस आऊंगी। अगर शर्तें मंजूर नहीं हैं, तो मैं वापस नहीं आऊंगी।”

उससे पूछा जाता है कि तुम्हारी क्या शर्तें हैं?

वह कहती है, “मेरी पहली शर्त यह है कि मेरा पति मेरे साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाएगा। चाहे बात प्यार से हो या गुस्से से, वह मेरे पास नहीं आएगा, मेरे नजदीक नहीं आएगा और मेरे साथ कुछ भी करने की कोशिश नहीं करेगा।”

उसकी यह बात सुन ली जाती है। इसके बाद उससे दूसरी शर्त पूछी जाती है।

दूसरी शर्त यह होती है कि उसकी निजी जिंदगी पर कोई सवाल नहीं उठाया जाएगा। वह किसी से भी बात कर सकती है। जब उसका मन करेगा, कहीं भी घूमकर आ सकती है। पति उससे यह नहीं पूछेगा कि वह किससे बात कर रही थी या कहां और किसके साथ घूमने गई थी।

इसके बाद तीसरी शर्त पूछी जाती है। तीसरी शर्त में महिला कहती है, “मुझे हर महीने लाख रुपये खर्चे के लिए चाहिए।”

वह कहती है, “अगर मेरी तीनों शर्तें मंजूर हैं, तो ठीक है, मैं वापस आने के लिए तैयार हूं। अगर शर्तें मंजूर नहीं हैं, तो मैं वापस नहीं आऊंगी।”

पति अपने बेटे का ख्याल रखता था और अपनी बेटी के बारे में भी सोचता था। दोनों बच्चे बड़े हो रहे थे। बेटे की उम्र लगभग 19-20 साल थी और बेटी की उम्र करीब 16-17 साल थी।

पिता का अच्छा-खासा कारोबार था और वह करोड़पति था। किसी चीज की कोई कमी या परेशानी नहीं थी। उसने सोचा कि अगर बच्चे इस तरह उससे दूर रहेंगे तो ठीक नहीं होगा। इसलिए उसने महिला की सारी शर्तें मानने के लिए हामी भर दी।

जैसे ही उधर से हरी झंडी मिलती है, इधर से भी हरी झंडी मिल जाती है। जून 2022 की यह बात है। महिला अपनी बेटी को लेकर वापस घर आती है और रहने लगती है।

अब घर का माहौल पहले जैसा नहीं था, बल्कि माहौल खुशनुमा हो गया था। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था और सब बढ़िया था।

लेकिन आगे जो हुआ, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

यह घटनाक्रम आगे चलकर उस शहर और उस प्रदेश की चर्चित घटनाओं में से एक बन जाता है।

यह महाराष्ट्र के मुंबई शहर की घटना है।

मुंबई में सांता क्रूज है और सांता क्रूज में दत्तात्रेय रोड है। दत्तात्रेय रोड पर गणेश कृपा भवन है। गणेश कृपा भवन में एक करोड़पति कारोबारी रहता था, जो गारमेंट्स का कारोबार करता था। उसका नाम कमलकांत शाह था और उसकी उम्र लगभग 46 साल थी।

24 अगस्त 2022 की यह बात है। उस दिन उसके पेट में अचानक बहुत तेज दर्द होने लगा। दर्द से वह कराह रहा था और काफी परेशान हो रहा था। जितना दर्द वह बर्दाश्त कर सकता था, उसने उसे सहने की कोशिश की।

लेकिन इसके बाद उसे उल्टियां शुरू हो गईं। जैसे ही उल्टियां शुरू हुईं, उसने अपने निजी डॉक्टर से संपर्क किया।

पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें…

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