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Crime

Kedarnath Helicopter Crash की पूरी कहानी

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रुद्र्रप्रयाग, उत्तराखंड
महाराष्ट्र प्रदेश का एक जिला लगता है यवतमाल और यवतमाल जिले की ही एक जगह लगती है वाणी तालुका। दरअसल यहां का रहने वाला राजकुमार जायसवाल अपनी पत्नी से बात करता है कि हम लोग चारों यानी कि उनका एक बेटा है जिसकी उम्र 6 साल के आसपास है। बेटी है 2 साल की। चारों के चारों चारधाम की यात्रा के लिए निकलने वाले थे। जैसे ही उस बच्चे से कहा जाता है 6 साल के बेटे से कि हम चारधाम की यात्रा के लिए चलेंगे तो वो रोने लगता है। वो कहता है कि मैं नहीं जाऊंगा। किसी भी कीमत पर नहीं जाऊंगा। उसे बार-बार समझाया जाता है लेकिन उसका रोना बंद नहीं होता। तभी उसके दादा और दादी कहते हैं कि अगर यह नहीं जाना चाहता तो तुम इसे क्यों ले जाना चाहते हो? इसे हमारे पास छोड़ दो। तुम पोती को साथ लेकर चले जाओ। चारधाम की यात्रा करो। खुशी-खुशी यह हमारे साथ रह लेगा।

ठीक ऐसा ही फैसला होता है। वो वक्त वो तारीख आती है। चारधाम के लिए निकल जाते हैं। आखिरकार महाराष्ट्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद ने जब इस परिवार से उस बुजुर्ग बच्चे के दादा और दादी से संपर्क किया तब इस बुजुर्ग दादा और दादी को यह पता चलता है कि जो उनके बेटा, बेटी और पोती जो चारधाम की यात्रा के लिए निकले हैं। वहां एक हेलीकॉप्टर में सफर कर रहे थे और हेलीकॉप्टर क्रैश हो जाता है। उस क्रैश के दौरान जितने भी शख्स बैठे हुए थे उनकी दर्दनाक तरीके से मौत हो जाती है

यह खबर जब सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को पता चलती है तो लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि अहमदाबाद में एक प्लेन क्रैश हो जाता है जिसमें 241 लोग उस प्लेन के अंदर बैठे हुए थे वो सब के सब मारे जाते हैं। टोटल मिला के 270 लोग मारे जाते हैं और 72 घंटे के बाद एक और हेलीकॉप्टर क्रैश हो जाता है। आखिरकार यह सब चल क्या रहा है? आज की इस घटना के माध्यम से यह समझने की कोशिश करते हैं कि आखिरकार हुआ क्या था? कैसे वह हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें