धौलपुर, राजस्थान 28 दिसंबर 2025 की रात लगभग 12:00 बजे का समय रहा होगा। रजनी नाम की एक महिला की अचानक नींद खुल जाती है और वह बहुत जोर से चीख पड़ती है। जैसे ही वह चीखती-चिल्लाती है, उसकी आवाज सुनकर उसके पास सो रहा उसका बेटा और बेटी दोनों जाग जाते हैं और जोर-जोर से रोने लगते हैं।
रजनी को बहुत तेज पसीना आ रहा था, जबकि वह सर्दियों की रात थी। इसी बीच घर में मौजूद सास और ससुर भी जाग जाते हैं और मौके पर आकर देखते हैं कि रजनी पूरी तरह पसीने से तर-बतर है।
वे उसे समझाने की कोशिश करते हैं और पूछते हैं, “बेटा, क्या हुआ है? क्या दिक्कत है? तुम इतनी घबराई हुई और परेशान क्यों हो?”
रजनी रोते हुए कहती है कि उसे एक बहुत ही बुरा सपना आया है। वह कहती है, “मैं समझ नहीं पा रही हूँ कि आखिर करूँ तो क्या करूँ।”
सास-ससुर उससे पूछते हैं कि उसने क्या सपना देखा। तब वह बताती है कि उसने अपने पति के बारे में बहुत बुरा सपना देखा है। यह सुनकर सास-ससुर उसे शांत कराते हैं, चुप कराते हैं, पानी पिलाते हैं और कहते हैं, “बेटा, अब सो जाओ। सुबह देखा जाएगा। अब बहुत रात हो चुकी है।”
इस तरह सुबह होने का इंतजार किया जाता है। सुबह जब रजनी की नींद खुलती है, तो उसकी तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब होने लगती है। उसकी हालत बिगड़ जाती है। अब रजनी की जो आवाज निकल रही थी, वह उसकी अपनी आवाज नहीं थी, बल्कि उसके पति की आवाज जैसी लग रही थी।
वह बार-बार कह रही थी, “मैं रविकांत बोल रहा हूँ।”
जैसे ही वह इस तरह बोलने लगती है, घरवाले, परिवार के लोग और आसपास के लोग इकट्ठा हो जाते हैं। सभी लोग हैरान रह जाते हैं और सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर एक महिला मर्दों की तरह कैसे बोल सकती है।
तभी उससे पूछा जाता है, “आखिर हुआ क्या है?”
जब उससे सवाल किया जाता है कि… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें