Crime

एक मशहूर डॉक्टर और सास के 19 टुकड़े

Published

on

तुमकुरु, कर्नाटक
कई दिनों से एक आदमी के दांतों में दर्द हो रहा था। जब जब उसको तेज दर्द होता था, तब वह मेडिकल स्टोर पर जाता था। वहां से एक गोली लेता था और गोली लेने के बाद आराम से लेट जाया करता था। ऐसे करते-करते कई दिन बीत जाते हैं। उसकी पत्नी कहती है कि आखिरकार कब तक तुम यूं ही दवा लेते रहोगे? जबकि तुम्हारे पड़ोस में इतना बड़ा डॉक्टर है जिसका नाम पूरे जिले में है। तुम वहां से दवा क्यों नहीं लेते हो? वह आदमी कहता है कि मेरा पड़ोसी ज़रूर है लेकिन मेरी उससे कभी बनती नहीं है। ना कभी दुआ सलाम होती है। मेरा तो मन है नहीं। मैं तो वहां जाऊंगा नहीं।

आखिरकार पत्नी समझाती है कि तुम्हारी ईगो ज्यादा है या तुम्हारा शरीर ज्यादा है। इसलिए शरीर को दिखाइए, अपने दांतों को दिखाइए, इलाज कराइए। बढ़िया डॉक्टर है। फीस लेंगे दे देना। चुपचाप जाकर अपना काम कराओ। पत्नी जब उस अपने पति को डांट फटकार कर उस डॉक्टर के पास भेजती है तो डॉक्टर के पास जाने के बाद सबसे पहले रिसेप्शन पर वो अपने नंबर लिखवाता है। पर्ची लगवाता है और उसके बाद फिर उसका जब नंबर आता है

तो डॉक्टर साहब उस पर्ची को देखने के बाद हैरान हो जाते हैं। वह कहते हैं कि भाई तुम हमारे पड़ोसी हो। आप सीधे भी आ सकते थे। मैं आपका वैसे ही इलाज कर देता। आपको पर्ची लगवाने की कोई जरूरत नहीं थी। यह बात सुनने के बाद उस पड़ोसी को बड़ा अजीब लगता है कि डॉक्टर साहब के बारे में तो कुछ अलग ही सुना था। यहां देखा तो कुछ अलग ही तरह के डॉक्टर हैं। आखिरकार इलाज शुरू हो जाता है और डॉक्टर साहब उसका बड़े अच्छे से इलाज करते हैं और इलाज करने के बाद जो भी फीस बनती है उसका कोई पैसा नहीं लिया जाता और जब नंबर लिखवाया गया था… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें

Trending

Exit mobile version