रामपुर, उत्तर प्रदेश साल 2014 से इस कहानी की शुरुआत होती है। पायल नाम की एक लड़की और जहांगीर नाम का एक लड़का आपस में बहुत बातें किया करते थे। बातों-बातों में कब चार साल बीत गए, उन्हें पता ही नहीं चला।
एक दिन पायल, जहांगीर से पूछती है, “तुम मुझसे कितना प्यार करते हो?”
जहांगीर जवाब देता है, “मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।”
यही सवाल जहांगीर भी पायल से पूछ लेता है, “पायल, तुम मुझसे कितना प्यार करती हो?”
पायल कहती है, “मैं तुमसे इतना प्यार करती हूँ कि तुम्हारे लिए अपनी जान भी दे सकती हूँ और ज़रूरत पड़े तो किसी की जान ले भी सकती हूँ।”
यह सुनकर जहांगीर कहता है, “वक़्त आने पर मुकर मत जाना।” फिर वह कहता है, “किसी दिन आज़मा कर भी देख लेना।”
इसी तरह दोनों की बातचीत का सिलसिला चलता रहता है। तभी एक दिन जहांगीर पायल से कहता है, “एक काम करना, कोसी नदी के किनारे शाम करीब सात बजे मिलना। मैं वहाँ पहले से तुम्हारा इंतज़ार कर रहा होऊँगा।”
जब यह बात होती है, तो पायल अपने परिवार से, खासकर अपनी माँ से कहती है, “माँ, मुझे अपनी एक सहेली से मिलने जाना है। क्या मैं जा सकती हूँ?”
माँ जवाब देती है, “ठीक है, कोई दिक्कत नहीं। बस जल्दी घर लौट आना।”
माँ से इजाज़त लेकर पायल सीधे कोसी नदी के किनारे पहुँच जाती है, जहाँ पहले से ही जहांगीर उसका इंतज़ार कर रहा होता है। उसके हाथ में एक कुल्हाड़ी होती है।
जैसे ही पायल वहाँ पहुँचती है, उसे बातचीत करने का कोई मौका ही नहीं दिया जाता। जहांगीर कुल्हाड़ी से पहले उसका गला काट देता है, फिर उसके शरीर के तीन टुकड़े कर देता है।
इसके बाद वह आराम से, तसल्ली के साथ, अपने कुछ दोस्तों की मदद से एक गड्ढा खोदता है। गड्ढा खोदने के बाद वह लाश को उसमें दफना देता है और फिर अपने काम में व्यस्त हो जाता है, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
समय धीरे-धीरे बीतता जाता है। जिस दिन वह लाश बाहर निकलती है, लोगों को यक़ीन ही नहीं होता। शायद ही उस शहर का कोई घर होगा, जहाँ इस घटना की चर्चा न हुई हो।
आख़िर क्या है पूरी कहानी? आइए जानते हैं।
उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले में एक थाना है—गंज थाना। गंज थाना क्षेत्र में एक गली है, जिसका नाम है हमाम वाली गली। इसी हमाम वाली गली का रहने वाला एक लड़का है, जिसका नाम राहुल है।
राहुल काफ़ी समय से परेशान था। वह अपनी माँ, पिता और भाई—सबसे बातचीत करता है, लेकिन कहीं से कोई राहत नहीं मिलती। आख़िरकार वह सीधे नज़दीकी पुलिस स्टेशन, यानी गंज थाना, पहुँच जाता है।
वहाँ जाकर वह कहता है… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें…