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बुंदेलखंड पर राज करने वाले बाहुबली की अनोखी कहानी

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भोपाल, मध्य प्रदेश
एक बाहुबली का पूरे बुंदेलखंड में राज चलता था। लोग उससे डरते थे, घबराते थे उसका सामना करने से। दरअसल यह कहा जाता है कि उसके घर में एक तालाब था और तालाब के अंदर मगरमच्छ पल रहे थे। लोगों में इस तरह की बात चर्चा में थी कि वो लोगों को मारकर उसमें मगरमच्छों को खिला देता है। दरअसल इसलिए उससे भिड़ने की किसी की हिम्मत नहीं होती थी। एक बार उस पर एक हत्या का आरोप था और हत्या के आरोप में वो जेल चला जाता है और जेल में रहते ही उसने फैसला किया कि वो विधायक बनना चाहता है।

मध्य प्रदेश की विधानसभा पवई से उसने चुनाव लड़ा और चुनाव चिन्ह मिलता है उसके निर्दलीय के रूप में हाथी का। वो तो जेल में था। उसके समर्थक वोट मांग रहे थे और घर-घर जाकर लोगों से वोट मांगते थे। तब एक स्लोगन था जो उन दिनों बड़ा चर्चाओं में रहा था उस पवई विधानसभा में इस बाहुबली के नाम पर। उसमें लिखा था कि मोहर लगेगी हाथी पर नहीं तो गोली चलेगी छाती पर और लाश मिलेगी घाटी पर। इस तरह का जब स्लोगन था तो लोगों ने डर की वजह से कहीं ऐसा ना हो कि वो नुकसान पहुंचा दे और लोगों ने उसे वोट दिया। वोट भी भरमार मात्रा में दिया।

42,000 वोटों से वो जीतकर विधायक बन जाता है। हालांकि जिस आरोप में वो जेल गया था उस आरोप से वो मुक्त हो जाता है क्योंकि उस पर जो आरोप लगाए गए थे वो सिद्ध नहीं हो पाते। जेल से बाहर आता है और बाहर आने के बाद उसका और भी ज्यादा आतंक बढ़ जाता है। लेकिन एक बार यह पता चलता है कि उसने अपनी सौतेली बहन की पोती के साथ बलात्कार किया। कई बार किया और उसका उसने गर्भपात कराया। इस मामले में वो जेल जाता है और उसकी फिर मौत होती है। आज की इस कहानी के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं कि कौन था वो बाहुबली जिसने इतना घोर अपराध किया था… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें

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