किसी बात पर पति और पत्नी के बीच में विवाद हो जाता है। जबकि इन्होंने साथ-साथ जीने की सात जन्मों तक साथ रहने की कसमें भी खाई थी। लेकिन विवाद कुछ इस तरह से बढ़ता है कि पति अलग रास्ते चला जाता है और पत्नी अलग रास्ते चली जाती है। पत्नी जाती है तो साथ अपनी बेटी लेकर चली जाती है और पति जब अलग होता है तो बेटा अपने साथ लेकर चला जाता है। लेकिन तय यह होता है कि जब बच्चों का मिलने का मन करेगा तो आराम से मिल लिया करेंगे।
ऐसे ही करते-करते जब बेटी का मन करता था मिलने का तो अपने पिता से मिलने के लिए चली आया करती थी। लेकिन इस बीच में एक महीने से ज्यादा का वक्त हो चला था। आखिरकार पिता ने अपनी बेटी से मिलने की इच्छा जाहिर की। बेटी मिलने जरूर आती है लेकिन बड़ी उदास थी। बहुत परेशान हो रही थी। तभी पिता को अपनी बेटी की उदासी देखी नहीं जा रही थी। अपनी इस बेटी से कहते हैं कि बेटा मैं नहीं चाहता कि तुम्हारे चेहरे पर कोई किसी तरह की उदासी हो। मैं नहीं चाहता कि तुम्हारी मां से मैं दूर रहूं। मैं नहीं चाहता कि मैं तुम्हारे भाई को तुमसे दूर रखूं। लेकिन मजबूरी ही कुछ ऐसी है कि बात इतनी आगे बढ़ चुकी है कि हम चाहकर भी साथ नहीं रह सकते।
जब बाप अपनी बेटी की उस उदासी को दूर करने के लिए उससे अपने मन की बातें कर रहा था। बेटी रोने लगती है। बेटी कहती है कि मैं मां के साथ नहीं रहना चाहती। उनसे बात नहीं करना चाहती। उनसे दूर रहना चाहती हूं। लेकिन ये पिता को लग रहा था कि शायद वो बाप से दूर रहना चाहती है। जब पिता ने यह बात सुनी तो पिता उसके और थोड़ा करीब बैठते हैं। उससे अपने दिल की बात करते हैं। उसके दिल की बातें सुनते हैं और बात सुनते-सुनते जब पिता ने जो सुना पिता की आंखों से जब आंसू गिरने शुरू होते हैं तो यकीन नहीं हो रहा था कि उसकी मां ने उसके साथ ऐसा क्यों किया, क्यों नहीं किया। जब यह बात अखबारों के माध्यम से लोगों को पता चलती है तब सोशल मीडिया के हर एक हैंडल चाहे वो X हो, YouTube हो, Facebook हो या… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें