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घूमने के बहाने दिल्ली आए, लेकिन पीछे छिपी थी खौफनाक साजिश

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नई अशोक नगर, दिल्ली
पिता अपने बेटे से कहते हैं, “बेटा, चलो कहीं घूमने चलते हैं।”

यह सुनते ही बेटा बेहद खुश हो जाता है। लेकिन उससे कहा जाता है कि कम से कम एक जोड़ी कपड़े अपने साथ रख लेना, क्योंकि हो सकता है कि हमें थोड़ा लंबा सफर करना पड़े।

पति, पत्नी और बेटा तीनों तैयार हो जाते हैं। वे एक-एक जोड़ी कपड़े रखते हैं और फिर सीधे ट्रेन में सवार हो जाते हैं। वे लगभग 1,400 किलोमीटर का सफर तय करते हैं, जिसमें करीब 21 घंटे का समय लगता है। इसके बाद वे दिल्ली पहुंच जाते हैं।

दिल्ली पहुंचकर वे एक फ्लैट में जाते हैं। वहां पहुंचने के बाद पति-पत्नी अपने बेटे से कहते हैं, “हमें कुछ जरूरी बातचीत करनी है। तुम थोड़ी देर फ्लैट के बाहर खड़े होकर इंतजार करो।”

बेटा बाहर खड़ा होकर इंतजार करने लगता है। पति-पत्नी फ्लैट के अंदर जाते हैं और कुछ समय बाद वापस बाहर आ जाते हैं। स्टेशन से जिस कैब को उन्होंने किराए पर लिया था, उसे पहले ही कह दिया था कि वह थोड़ी देर इंतजार करे। उन्होंने ड्राइवर से कहा था, “हम अभी गए और अभी आए। हमें लगभग आधे घंटे का समय लगेगा।”

कुछ देर बाद पति-पत्नी फ्लैट से बाहर निकलते हैं, अपने बेटे को साथ लेते हैं और उसी कैब में बैठ जाते हैं। वे ड्राइवर से कहते हैं, “हमें रेलवे स्टेशन छोड़ दीजिए।”

रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद वे वापस उसी स्थान के लिए रवाना हो जाते हैं, जहां से आए थे।

अब बेटा अपने माता-पिता के इस व्यवहार को लेकर काफी परेशान था। वह बार-बार उनसे पूछ रहा था, “पापा, आप तो कह रहे थे कि हम घूमने जा रहे हैं। लेकिन यह कैसा घूमना हुआ? पहले हमने लगभग 21 घंटे ट्रेन में सफर किया, फिर कार में बैठकर यहां पहुंचे। आप केवल आधे घंटे के लिए उस घर के अंदर गए और अब हम फिर वापस ट्रेन में बैठकर घर लौट रहे हैं।”

वे लोग यह सोचकर घर लौटे थे कि शायद अब कभी पकड़े नहीं जाएंगे। लेकिन जैसे ही वे घर पहुंचे, पीछे-पीछे पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने न केवल पति और पत्नी को गिरफ्तार किया, बल्कि उनके बेटे को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

लोगों के मन में सवाल उठने लगा कि पति-पत्नी तो जेल जाएंगे ही, लेकिन क्या वह बच्चा भी जेल जाएगा, जबकि उसका इस अपराध में कोई दोष नहीं था?

दरअसल, पति और पत्नी ने मिलकर एक हत्या की थी, और उस हत्या की गूंज पूरी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फैल गई थी। हर कोई इस घटना को लेकर हैरान था कि आखिर इन दोनों ने ऐसा कदम क्यों उठाया।

यह मामला दिल्ली के मयूर विहार क्षेत्र का है। यहां रहने वाली एक महिला, देवरती पॉल, ने 4 जून 2026 को दोपहर लगभग 2:35 बजे दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम में फोन किया।

फोन पर उन्होंने बताया कि पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाना क्षेत्र के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में एक गंभीर घटना हुई है। उन्होंने कहा कि वह अपार्टमेंट की छठी मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 605 के सामने खड़ी हैं और यहां तत्काल पुलिस की जरूरत है।

उन्होंने पुलिस से कहा, “यह एक इमरजेंसी स्थिति है। कृपया जितनी जल्दी हो सके पुलिस को यहां भेजिए।”

जैसे ही कंट्रोल रूम को यह सूचना मिली, पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। जब पुलिस वहां पहुंची, तब तक काफी भीड़ जमा हो चुकी थी। बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए थे।

पुलिस ने जो दृश्य देखा, वह बेहद भयावह था। वहां एक महिला का शव पड़ा हुआ था। प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा था कि किसी धारदार हथियार से उसके शरीर पर कई बार वार किए गए थे। इसके अलावा उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से भी गंभीर चोट पहुंचाई गई थी।

अब पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई। अधिकारियों ने सबसे पहले यह जानने की कोशिश की कि मृत महिला कौन थी, क्या करती थी, उसका नाम क्या था और वह कहां रहती थी।

इसके बाद पुलिस ने महिला की पहचान और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें

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