फरीदाबाद, हरियाणा नेशनल हाईवे पर एक कार दूसरी कार का पीछा कर रही थी इसी बीच में पीछा करते-करते कब गोलियां चलने लगती हैं पता ही नहीं चलता और इसी बीच में एक व्यक्ति की हत्या हो जाती है उस हत्या की गूंज आज पूरे देश भर में फैल रही है हर कोई उस हत्या को लेकर चर्चा कर रहा है बातचीत कर रहा है लेकिन अफसोस की बात यह है कि 30 किलोमीटर के इस सफर में एक भी पेट्रोलियम पुलिस नहीं मिलती और वह पेट्रोलियम पुलिस आखिरकार कहां थी क्या कर रही थी
और जिन्होंने हत्या की है वह आम आदमी है उनके पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है कि वह गोली चलकर किसी की भी हत्या कर सकते हैं दावा यह किया जा रहा है कि कुछ गलतफहमी हो गई थी लेकिन गलतफहमी हो भी गई थी तो पुलिस का सहारा क्यों नहीं लिया गया पुलिस ने 11 दिन के बाद इस घटनाक्रम का खुलासा करने का दावा किया है लेकिन पुलिस जितनी तरीके से बोलना चाहिए जिस दावे के साथ बोलना चाहिए पुलिस इस मामले में उतनी उखड़ता के साथ बात नहीं कर रही है
क्या यह सच कभी सामने आ पाएगा नहीं आ पाएगा लेकिन जिसका बेटा गया है वह बहुत अफसोस कर रहा है की गोली चलाने का अधिकार आखिरकार उन्हें किसने दे दिया एक सवाल कर रहा है और पूरा देश भी यही सवाल पूछ रहा है की आखिरकार उन्हें गोली चलाने का अधिकार किसने दिया है… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें