पटना, बिहार बिहार प्रदेश में जिला बक्सर है और बक्सर जिले के अंदर एक भोजपुर जगह लगती है। दरअसल बात कर रहा हूं 21 अगस्त 2011 की सुबह 9:05 के आसपास का वक्त हो रहा था। यहां पर एक दुकान होती है भोजपुर चूना भंडार के नाम से। यहां पर एक बाइक आकर रुकती है। बाइक पर तीन लोग सवार थे। उसमें से एक व्यक्ति जो बाइक पर बैठा हुआ है। साथ ही दो व्यक्ति ऐसे होते हैं जो उतर कर उस दुकान के पास जाते हैं। उस दुकान के पास जाते हैं। उनमे से एक व्यक्ति ऐसा है जो दुकान की तरफ पीठ करके खड़ा हो जाता है ताकि यह देख सके कि कौन आ रहा है, कौन जा रहा है। कोई हमें देख तो नहीं रहा है।
इस तरह की बातें उसकी जो निगाहें थी एकदम एक सुरक्षाकर्मी की तरह बिल्कुल चारों तरफ लगी हुई थी। एक तीसरे नंबर का जो व्यक्ति था उसके हाथ में एक पिस्तौल होती है और पिस्तौल के बाद वो सीधा दुकान के अंदर जाता है और जैसे ही अंदर पहुंचता है तो वहां दुकानदार से पूछता है और लाला काम ठीक-ठाक चल रहा है कि नहीं चल रहा है। देखा हमने तुमसे पहले ही कहा था कल के लिए बोला था और हम यहां पर आ चुके हैं।
जैसे ही लाला ने देखा लाला देखते ही जिनका नाम है राजेंद्र केसरी। वो थर-थर से कांपने लगते हैं। समझ जाते हैं कि यह बदमाश हैं और यह कुछ ना कुछ करने वाले हैं। इससे पहले कि वो कुछ सोच पाते, कुछ कर पाते या किसी को आवाज लगा पाते। पिस्तौल से कई गोलियां चलने लगती हैं। दन दनादन गोलियां चल रही थी और वो सारी की सारी गोलियां राजेंद्र केसरी के शरीर को छलनी करती हुई पार हो जाती हैं। कुछ रह जाती हैं। और कुछ देर के बाद फिर यहां पर आसपास के जो लोग थे दुकानें खोल रहे थे। शोर मच जाता है। लोग मौके पर आते हैं।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें