बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश कक्षा 10 में पढ़ने वाला एक छात्र जो कि ऑनलाइन गेम खेलने की उसको आदत लगी हुई थी, वह कभी कबी-कबार नशा भी कर लिया करता था। एक दिन नशे में था और ऑनलाइन गेम खेल रहा था और गेम खेलते-खेलते एक नोटिफिकेशन आता है। उस नोटिफिकेशन को जैसे ही वह ऑन करता है और ऑन करने के बाद उससे बटन दब जाता है। बटन दबते ही पता चलता है कि उसकी मां के खाते से लगभग ₹40 हजार की रकम चली गई है। अब उसने देखा उसे होश आया तो उसे समझ में आया कि ₹40 हजार चले गए। अब करें तो क्या करें? बड़ा टेंशन में था, परेशान था।
उसके दोस्त उससे पूछते हैं कि आज तुम बहुत ज्यादा टेंशन में दिखाई दे रहे हो। क्या बात है? तब वह बताता है कि मैं गेम खेल रहा था और गेम खेलते-खेलते उसके हाथ से बटन दब जाता है और मां के खाते से ₹40 हजार निकल जाते हैं। तो दोस्त बैठकर आपस में सलाह मशवरा करते हैं कि परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। हम एक ऐसी प्लानिंग करते हैं। उस प्लानिंग के बाद हमारे पास पैसा ही पैसा होगा। तो वो दोस्त आपस में जब बातचीत कर रहे थे तो उस प्लानिंग पर पूरा अमली जामा पहनाया जाता है और वो एक ऐसा क्राइम कर बैठते हैं। उस क्राइम को करने के बाद अब चाहे आईपीएस ऑफिसर हो या फिर पीपीएस ऑफिसर हो, कोतवाल हो, दरोगा हो, सिपाही हो या बड़े-बड़े ऑफिसर हो। वो चकरा गए थे
चकरा इसलिए गए थे क्योंकि वो हाई स्कूल या नौवीं पास स्टूडेंट होंगे। उन्होंने जो गेम प्लान किया था ना उस गेम प्लान में वह इतना बुरी तरह से उलझ जाते हैं कि फिर अब ऑफिसर लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिरकार करें तो क्या करें। लेकिन वह पकड़े जाते हैं। मुश्किल से छह या सात दिन का वक्त लगता है। जब वह पकड़े जाते हैं तो पता चलता है कि उन्होंने कत्ल कर दिया है। इस घटनाक्रम का खुलासा होता है तो लोगों को यकीन नहीं हो रहा था। कह रहे थे ये बच्चे हैं। यह ऐसा कैसे कर सकते हैं। लेकिन सीसीटीवी कैमरे में उनकी एक फुटेज कैद हो गई थी।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें