एक शादी समारोह में जयमाला का कार्यक्रम चल रहा था और इसी बीच में बारातियों को आवाज लगाई जाती है। बस तैयार है। जिस-जिस को जाना है जाकर अपनी-अपनी सीट घेर सकता है और बस जाने वाली है। जैसे ही बारातियों को यह पता चलता है, बाराती एकदम से अलर्ट हो जाते हैं और दौड़ते हुए जाकर अपनी सीट पर बैठ जाते हैं। बस तैयार हो जाती है। इसी बीच में जो दूल्हे का सगा चचेरा भाई होता है, नाम उसका जितेंद्र था।
जितेंद्र को यह खबर लगती है कि उसका बहनोई बस के अंदर बैठा हुआ है। वो दौड़ता हुआ जाता है जाकर कहता है कि जीजा जी यानी कि जोहरी साहब आप हमारे साथ चलेंगे कार से। उसी बस के अंदर उस दूल्हे का भतीजा भी बैठा हुआ था। उस भतीजे को भी जितेंद्र अपने साथ लेकर आ जाता है क्योंकि वो जितेंद्र का बेटा था लगभग 6 साल के आसपास। अब इंतजार कर रहे थे कि जब घर वालों की तरफ से अनुमति मिलेगी तो अपनी कार से बैठेंगे और कार से बैठने के बाद चले जाएंगे।
बस इंतजार कर रहे थे और जब इंतजार की घड़ियां खत्म हो जाती हैं, आखिरकार कार शुरू हो जाती है। यह Maruti Ertiga कार थी जिसमें सात लोग आराम से बैठ सकते थे लेकिन देखते ही देखते उसके अंदर 13 लोग बैठ जाते हैं और यह कार इससे पहले कि घर पहुंचती ये खबर पहुंच जाती है कि एक दो नहीं बल्कि पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है और जो छठवां था वह जाकर हॉस्पिटल में दम तोड़ देता है। पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें…