काठमांडू, नेपाल 9 सितंबर 2025 को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर दरअसल एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी के साथ वायरल हो रहा था। उस वीडियो में एक व्यक्ति है जो जमीन पर पड़ा हुआ है। उसके आसपास भीड़ का एक जमघट लगा हुआ है और उस जमघट में लोगों के पास लाठी हैं, डंडे हैं, कुछ हथियार हैं और वह लगातार उस व्यक्ति को लातों से, घूसों से, डंडों से मार रहे हैं, पीट रहे हैं। वह व्यक्ति कुछ ऐसी स्थिति में था ना शोर मचा सकता था, ना ही बचने की अपील कर सकता था। ऐसा लग रहा था उसे देखकर जैसे लोगों ने इसे पीट-पीट कर मार दिया हो। अब वीडियो जैसे वायरल होता है लोगों ने सवाल खड़े करना शुरू कर दिया।
चाहे भारत हो, पाकिस्तान हो, बांग्लादेश हो, श्रीलंका हो या फिर अलग-अलग मुल्क नेपाल हो जहां देखो वहां वो वीडियो वायरल हो रहा था और वीडियो में लोग यह सवाल कर रहे थे कि आखिरकार इस व्यक्ति को क्यों पीटा जा रहा है? तभी लोगों ने कमेंट में जवाब देना शुरू कर दिया। दरअसल यह नेपाल पुलिस का एक डीएसपी है और इसी के आदेश की वजह से ही 19 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। दरअसल इसने गोली चलाने का आदेश दिया और उसके बाद 19 लोग बेवजह मारे गए। इसी बात का गुस्सा है जो भीड़ लगातार इस व्यक्ति को पीट रही है। दरअसल 1997 से लेके साल 2012 तक जो पैदा हुए थे वो लोग सड़कों पे उतरे थे। उनके हाथ में Gen Z का एक बैनर था, पोस्टर था और उसी के तले वह प्रदर्शन कर रहे थे। अपनी आवाज उठा रहे थे। मांग कर रहे थे। भीड़ इतनी उग्र हो जाती है कि इसके बाद चाहे संसद भवन हो, सुप्रीम कोर्ट हो, प्रधानमंत्री का आवास हो, गृह मंत्री का आवास हो या फिर जो भी नेता दिखाई दे दे रहा था उसको मार रहे थे, पीट रहे थे। हद तो तब हो जाती है
जब पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी को भी जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया जाता है। दरअसल आज की इस कहानी के माध्यम से यह समझने की जानने की कोशिश करते हैं कि आखिरकार नेपाल जो कि हमारा पड़ोसी मुल्क है उसमें ऐसा क्या हुआ कि लाखों की संख्या में युवक सड़कों पर उतर आते हैं। चाहे वह छात्र हों या फिर छात्राएं और उसके बाद उन्होंने ऐसा विरोध प्रदर्शन किया कि एक ऐसा इतिहास बन गया है कि जिसे लोग याद कर करके भी सिहर जाएंगे सोचने पर मजबूर हो जाएंगे।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें