रतलाम, मध्य प्रदेश साल 2015 में अक्षय कुमार की फिल्म आई थी “गब्बर इस बैक” इस फिल्म में कुछ ऐसा दिखाया गया था कि एक गरीब आदमी होता जिसका नाम होता है बलराम नागपाल उसकी मौत हो जाती है उसकी दो बेटियां होती हैं और पत्नी व रो रहे थे बिलख रहे थे इसी बीच में अक्षय कुमार उनसे टकरा जाता है अक्षय कुमार देखता है तो उनकी बातचीत सुन रहा था महिला अपने पति के बारे में कह रही थी की पैसा था सब का सब जुए में उड़ा चूका है
अब ऐसी स्थिति में अक्षय कुमार ने इस परिवार को अपने साथ लिया और साथ बड़े से अस्पताल में लेकर जाता है वहां जाने के बाद इस व्यक्ति को भरती करता है यह कहते हुए की साहब यह मेरा बड़ा भाई है आप इसका इलाज शुरू कर दीजिए और पैसे की तरफ से आप बिल्कुल भी टेंशन मत लेना अक्षय कुमार की बात सुनने के बाद जो हॉस्पिटल वाले होते हैं उसका इलाज करना शुरू कर देते हैं जबकि पहले जहां पर उसका इलाज चल रहा था वहां से उसको डेथ सर्टिफिकेट मिल चुका था
उसके बावजूद भी इसका इलाज करते हैं और दवाइयां लिखकर देते हैं तमाम टेस्ट लिख कर देते हैं और अक्षय कुमार के हाथ में एक पेपर लाकर दे देते हैं कि जितनी जल्दी हो सके जल्दी दवा लेकर आओ अक्षय कुमार जाता है पैसे जमा करता है दवा लेकर आता है उसके बाद चेकिंग होता है तो ये लगातार ऐसे सिलसिला चल रहा था और जब इसकी पोल खुलती है तो पता चलता है कि जिस व्यक्ति का यह इलाज कर रहे थे दरअसल एक पहले ही किसी दूसरे अस्पताल ने उसको डिक्लेयर कर दिया था कि वह मर चुका है और उसके ज़िंदा होने का नाटक कर रहे थे… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें