प्राइवेट स्कूल की एक प्रिंसिपल जिसकी उम्र लगभग 24 साल के आसपास रही होगी। उस प्रिंसिपल ने अपने ही एक विद्यालय के जो कक्षा 9 में पढ़ने वाला स्टूडेंट होता है उसको बुलाया और बुलाने के बाद कहा कि बेटा आज मैं आपको ट्यूशन नहीं पढ़ा पाऊंगी। जैसे ही उस स्टूडेंट ने ये सुनी उसने कहा मैडम कोई बात नहीं कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन मैडम ने जैसे ये बात बोली थी उसकी आंखों से आंसू गिर रहे थे। उस स्टूडेंट ने वो बात देख ली लेकिन स्टूडेंट अपनी प्रिंसिपल के सामने कुछ कह नहीं पाया।
वह सीधा यहां से बाहर निकलता है और जो बाकी उसके दो दोस्त होते हैं क्योंकि वह भी उसके साथ ट्यूशन पढ़ने के लिए मैडम के पास जाते हैं। वह उनसे जाकर कहता है कि मैडम ने पहले बुलाया और बुलाने के बाद वो कहने लगती हैं कि मैं आज ट्यूशन नहीं पढ़ा पाऊँगी और मैं थोड़ा परेशान सी भी हूं। लेकिन ये सब कहने के बाद उनकी आंखों से आंसू गिर रहे थे। समझ नहीं पा रहा था कि मैडम से कोई बात पूछूं कि नहीं पूछूं। तभी तुमसे जिक्र कर रहा हूं। जैसे अपने दो दोस्तों से यह बात कही। दोनों दोस्त कहते हैं कि नहीं मैडम के पास चलते हैं। उनसे पूछते हैं कि आखिरकार दिक्कत परेशानी क्या है? क्योंकि आज तक हमने कभी उन्हें इस तरह से परेशान भी तो नहीं देखा।
तीनों स्टूडेंट मैडम के पास जाते हैं और जाकर कहते हैं मैडम आप इतना परेशान क्यों हो? क्या बात है? क्या दिक्कत है? हम आपकी क्या मदद कर सकते हैं? जैसे ही मैडम ने ये बात सुनी वो और भी रोने लगती हैं। तभी स्टूडेंट कहते हैं कि मैडम आप बताइए तो सही हम आपकी क्या मदद कर सकते हैं? आप हम पर भरोसा तो करिए।… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें