Connect with us

News

डीएम बनना चाहती थी महिला शिक्षिका, शूटरों ने गोलियों से क्यों भून डाला

Published

on

अररिया, बिहार
उत्तर प्रदेश के जिला बाराबंकी में रेवेन्यू इंस्पेक्टर की पोस्ट पर तैनात लक्ष्मीकांत वर्मा की तीन बेटियां होती हैं और तीनों की तीनों शुरू से ही पढ़ने में होशियार होती हैं। साल 2023 की बात है। बीपीएससी टीचर के लिए आवेदन करती हैं और तीनों ही सगी बहनों का एक साथ टीचर के लिए सिलेक्शन भी हो जाता है। जब सिलेक्शन होता है तो घर में खुशियों के एक तरह से गीत गाए जा रहे थे। लेकिन पिता लक्ष्मीकांत वर्मा कहते हैं अपनी सबसे छोटी वाली बेटी से बेटा तुम तो कहती थी कि मुझे बड़े होकर डीएम बनना है। फिर तुम टीचर क्यों बनना चाहती हो? तभी बेटी ने कहा कि पापा आप हमारी जिम्मेदारी उठा रहे हो। यह बहुत अच्छी बात है। लेकिन मैं चाहती हूं कि अपनी जिम्मेदारी खुद उठाऊं और यूपीएससी की तैयारी करूं और उसके बाद फिर मैं डीएम भी बन जाऊं।

बेटी ने जैसे कहा पिता ने बात वैसी ही मान ली और बेटियों को तीनों को विदा कर दिया जाता है। एक बेटी की नौकरी लगती है बिहार के पटना में एक की लगती है समस्तीपुर में और तीसरी बेटी की नौकरी लगती है अररिया में। अच्छी खासी नौकरी कर रही थी नौकरी करते-करते वो सुबह जाना शाम को वापस आना और जब मौका मिलता था लगभग यूपीएससी तैयारी करने के लिए 7 आठ घंटे लड़की तैयारी कर रही थी। एक दिन स्कूल जा रही थी और स्कूल जाते ही उसका किसी ने मर्डर कर दिया। जब कत्ल होता है तो उस कत्ल की गूंज ना पूरे बिहार प्रदेश में बल्कि उत्तर प्रदेश में भी फैल जाती है।

लोग यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक बेटी जो डीएम बनना चाहती थी आखिरकार उसका दुश्मन कौन क्यों बन गया जबकि वह किसी से मतलब नहीं रखती थी जबकि उसका कोई दोस्त नहीं था जबकि उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। आज की इस कहानी से यही पता करने की कोशिश करते हैं कि आखिरकार उसका कत्ल क्यों होता है और कत्ल के पीछे की जो वजह थी वह वाकई अपने आप में बड़ा आश्चर्यचकित करने वाली थी। लोगों को हैरान करने वाली थी। यह सच्ची घटना है बिहार प्रदेश के जिला अररिया की 3 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 9:20 के आसपास… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें